Mahakal मंदिर में क्यों हो रहा शिवलिंग का क्षरण?, ASI की जांच में मिला ये कारण
बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल मंदिर में शिवलिंग क्षरण का रोकने के लिए Archaeological Survey of India (ASI) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की 8 सदस्य टीम उज्जैन पहुंची। टीम ने महाकाल शिवलिंग, महाकाल मंदिर का गर्भगृह, मंदिर के शीर्ष भाग पर स्थित ओंकारेश्वर मंदिर और नागचंद्रेश्वर मंदिर का निरीक्षण किया।
यहां मजबूती को लेकर बारीकी से जांच की गई। इसके साथ ही एक रिपोर्ट तैयार की गई है। इस रिपोर्ट पर समीक्षा होगी उसके बाद फाइनल रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी।

पहले हो चुकी है जांच
जांच टीम में दिल्ली के दो सदस्य और भोपाल के दो सदस्य मौजूद हैं। इसके साथ ही सहयोगी के तौर पर चार अन्य सदस्य और हैं इस प्रकार कुल 8 सदस्य टीम यहां जांच कर रही है। जांच टीम के प्रमुख राम जी निगम ने बताया कि उन्होंने मंदिर परिसर में महाकाल, ओमकारेश्वर और नागचंद्रेश्वर की जांच कर ली है। समीक्षा कर जल्द रिपोर्ट पेश करेंगे।इसके पहले भी कई बार आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) और जीएसआई (GSI) की टीम यहां आकर जांच कर चुकी है। दरअसल, महाकाल मंदिर शिवलिंग को हो रहे नुकसान को लेकर वर्ष 2017 में मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। मामले में आदेश जारी किया गया था कि ASI और GSI की टीम प्रतिवर्ष शिवलिंग की जांच कर रिपोर्ट कोर्ट को सौंपे। यही कारण है कि यहां यह जांच दल आया है जो की पहले भी कई बार जांच कर चुका है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चल पाएगा।
महाकाल लोक बनने के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
धार्मिक नगरी उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद से ही देश-विदेश से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने का सिलसिला निरंतर जारी है। महाकाल मंदिर में सुबह 6 बजे से दर्शनार्थियों के दर्शन करने का सिलसिला शुरू होता है जो लगातार शयन आरती के बाद समाप्त होता है। इसी क्रम में दर्शन करने के लिए पूरी दुनिया से आए श्रद्धालु महाकाल लोक से दर्शन करने के लिए प्रवेश करते हैं और बाबा महाकाल के दर्शन के पश्चात महाकाल लोक में लगी मूर्तियां और स्तंभों को निहारते हुए सेल्फी भी लेते हैं।
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