कौन थे मुस्तफा बोहरा, जिन्हें मरणोपरांत मिलेगा शौर्यचक्र, दूसरों को बचाने में लगाई खुद की जान की बाजी
Mustafa Bohra Shaurya: राजस्थान के उदयुपर के रहने वाले मुस्तफा बोहरा के परिजनों को 5 जुलाई 2024 को राष्ट्रपति द्रोपदि मुर्मू मुस्तफा बोहरा शौर्यचक्र प्रदान करेंगीं।
मुस्तफा बोहरा 21 अक्टूबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हो गए थे। उस दौरान आबादी क्षेत्र को बचाने के लिए मुस्तफा ने खुद की जान की बाजी लगा दी थी।

पिछले साले राष्ट्रपति भवन से मुस्तफा बोहरा को मरणोपरांत शौर्यचक्र मिलने का ऐलान होने पर उनके पिता जकीउद्दीन, बहन अल्फिया व माता फातेमा की आंखें भर आई थीं। मां बोलीं कि उन्हें गर्व है कि बेटे मुस्तफा ने शौर्य दिखाते हुए मेवाड़ का नाम रोशन किया। बहन कहती है कि मेरा भाई मेरा हीरो है, वो हर पल मेरे साथ रहता था।
मां फातेमा के अनुसार जब मुस्तफा का एनडीए में चयन हुआ तब वह धर्म गुरु सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन से आशीर्वाद लेकर उनकी आज्ञा से बढ़ा था। जब मुस्तफा शहीद हुआ तब भी बोहरा समाज के धर्मगुरु आलिकदर सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने उदयपुर घर आकर उसे श्रद्धांजलि दी।
उल्लेखनीय है कि मुस्तफा बोहरा मूलरूप से उदयपुर जिले की वल्ल्भनगर तहसील के गांव खेरोदा के रहने वाले थे। मुस्तफा ने प्राथमिक शिक्षा उदय शिक्षा मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय खेरोदा में ली। बाद में उनका परिवार
उदयपुर के हाथीपोल स्थित अजंता होटल की गली में रहने लगा। आगे की पढ़ाई मुस्तफा ने उदयपुर के सेंट पॉल स्कूल में पढ़ाई की।
ऐसे शहीद हुए थे मुस्तफा बोहरा?
अरुणाचल प्रदेश में 21 अक्टूबर 2022 को भारतीय सेना में मेजर मुस्तफा बोहरा और उनके साथियों ने एक मिशन के लिए उड़ान भरी थी। मिशन पूरा कर वापस लौट रहे थे तब हेलिकॉप्टर में आग लग गई थी। कहा जाता है कि उस समय हेलिकॉप्टर को नीचे उतारा जा सकता था, लेकिन नीचे मेकिंग नाम का आबादी क्षेत्र और उसके साथ आर्मी का बेस था। आसमां में आग का गोला बना हेलिकॉप्टर उस जगह उतारा जाता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। ऐसे में मेजर मुस्तफा बोहरा हेलिकॉप्टर को जंगल की तरफ ले गए। जहां हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया और मुस्तफा शहीद हो गए।












Click it and Unblock the Notifications