'बहन नहीं, मां थीं वो मेरी, साया चला गया...' गिरिजा व्यास के अंतिम संस्कार पर छलका भाई गोपाल शर्मा का दर्द
Girija Vyas Funeral Udaipur Rajasthan: राजस्थान कांग्रेस की दिग्गज नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास की पार्थिव देह पंचतत्त्व में विलीन हो गई। गिरिजा व्यास का अंतिम संस्कार 2 मई 2025 की शाम को राजस्थान के उदयपुर में अशोक नगर मोक्षधाम में किया गया। इस मौके पर भाई गोपाल शर्मा का दर्द छलक आया।
मीडिया से बातचीत में गोपाल शर्मा ने कहा कि 'भाई-बहन क्या, वह मां थीं हमारी। हमारा साया चल गया बस। अब जीवन टूट गया है मेरा। उनके भरोसे था। मैं जब भी थोड़ा सा लेट हो जाता था तो मेरा बच्चों को पूछती। मेरे पास फोन कर देती थीं। पूछती थीं कि क्या बात है भाई? लेट क्यों हो गया?'

बहन गिरिजा व्यास को याद कर भावुक हुए भाई गोपाल शर्मा बोले कि 'हमारा जीवन अच्छा चल रहा था। उन्होंने मुझे और मेरे बच्चों को अपना पूरा जीवन समर्पित किया। सब खो गया अब। हमारा भी जीवन उनको समर्पित रहा। आज हमें बहुत बड़ी क्षति हुई है। इसकी हम कभी भरपाई नहीं कर पाएंगे।'
गिरिजा व्यास का निधन कब हुआ?
बता दें कि डॉ. गिरिजा व्यास का जन्म 8 जुलाई 1946 को राजस्थान के नाथद्वारा में हुआ। गिरिजा व्यास ने 79 साल की उम्र में 1 मई 2025 की शाम करीब सवा सात बजे गुजरात के अहमदाबाद के जायडस अस्पताल में अंतिम सांस ली।

महीनेभर पहले गणगौर पूजा के दौरान चुन्नी में आग लगने के कारण गिरिजा के शरीर का 90 फीसदी झुलस गया था। उदयपुर के अस्पताल में उपचार के बाद उनको अहमदाबाद रेफर किया गया था। तब से उनका इलाज गुजरात के अस्पताल में चल रहा था।
भाई गोपाल शर्मा के अनुसार आग से झुलसने के बाद अस्पताल में भर्ती बहन गिरिजा के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा था, मगर पिछले दो दिन से उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। बीपी तेजी से गिर गया था।

अहमदाबाद में निधन के बाद गुरुवार देर रात गिरिजा व्यास की पार्थिव देह उदयपुर लाई गई। शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे उनके शव को दैत्य मगरी आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।
गिरिजा व्यास का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम चार बजे उदयपुर में अशोक नगर मोक्षधाम में किया। उनकी अंतिम यात्रा में पूरा शहर उमड़ा। राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी उनकी अर्थी को कंधा दिया। गिरिजा व्यास के भतीजे विवेक शर्मा ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
गिरिजा व्यास का राजनीतिक सफर
डॉ. गिरिजा व्यास राजस्थान व केंद्र की राजनीति में कांग्रेस का बड़ा चेहरा हुआ करती थीं। उन्होंने राजस्थान पीसीसी प्रमुख, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष और मंत्री पदों को बखूबी संभाला
भाई गोपाल शर्मा के अनुसार गिरिजा व्यास को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी राजनीति में लेकर आए। उनको उदयपुर शहर कांग्रेस की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई।
गिरिजा व्यास ने साल 1985 में उदयपुर से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता भी। राजस्थान में उन्हें उच्च शिक्षा, पशुपालन, टूरिज्म जैसे विभागों का मंत्री बनाया गया।
गिरिजा व्यास को 80 दशक से जानता था मैं- अशोक गहलोत
पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास के निधन पर राजस्थान के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, "मैं उन्हें तब से जानता हूं, जब वे 80 के दशक में उदयपुर जिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष थीं। उन्होंने कांग्रेस में विभिन्न पदों के माध्यम से राज्य और देश की सेवा की है। उन्होंने कांग्रेस को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दुर्घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। जब वे अहमदाबाद के अस्पताल में थीं, तब से मैं उनके संपर्क में था। मैं उनसे मिलने भी गया था। डॉक्टर ने बताया था कि उनकी हालत बहुत गंभीर है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।"
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