'ए लड़के, ए लड़की नहीं चलेगा', जनता से सम्मान से बात करे पुलिस- केरल HC ने डीजीपी को दिया आदेश
तिरुवनंतपुरम, 4 सितम्बर। केरल हाईकोर्ट ने पुलिस कर्मियों के आम जनता से सम्मानजनक व्यवहार करने को लेकर आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में राज्य के पुलिस महानिदेशक को एक सर्कुलर जारी करने को कहा है जिसमें सभी पुलिसकर्मियों को आम जनता से बातचीत के दौरान सम्मानजनक भाषा में बात करने का सलाह दी जाए।

जस्टिस देवन रामचंद्रन ने ये फैसला एक 15 वर्षीय किशोरी के पिता की याचिका पर दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने उनकी बेटी की गाड़ी को चेक करने के दौरान कठोर व्यवहार किया था।
कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पुलिस अधिकारियों को आम जनता से बातचीत के दौरान ए लड़के और ए लड़की कहकर बुलाने की जगह महिला और पुरुष के लिए सम्मानजनक शब्दावली का प्रयोग करना चाहिए।
याचिकाकर्ता ने अपनी अपील में कहा था कि त्रिशूल जिले की चेर्पू पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने उनकी बेटी के साथ बात करते समय अभद्र भाषा में व्यवहार किया था।
देश भर में पुलिस के व्यवहार को लेकर चिंता जताई गई है। पिछले दिनों ही देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी पुलिस की कार्यशैली पर चिंता जताई थी।
सर और मैडम पर प्रतिबंध
इसी तरह एक अन्य घटना में केरल के माथुर ग्राम पंचायत के कार्यालय परिसर में सर और मैडम शब्द पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पंचायत का ऐसा मानना है कि इन शब्दों के प्रयोग से आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और नगर निकाय के अधिकारियों में एक दूसरे के बीच अपनत्व और विश्वास का माहौल नहीं बन पाता है।
खास बात है कि पंचायत में सभी दलों के प्रतिनिधियों ने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर एक जुटता दिखाई। यही वजह है कि कांग्रेस के 16, माकपा के 7 और भाजपा के एक सदस्य वाली पंचायत में सभी ने प्रस्ताव का समर्थन किया। माथुर पंचायत के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्येश्य पंचायत कार्यालय में आने वाले आम लोगों, जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच की खाई को पाटना है।












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