जम्मू में डबल अटैक, अमन के दुश्मनों की एक और बर्बर हरकत: पीएम
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा पर आतंकियों के डबल अटैक ने देश में एकबार फिर से आतंकियों की हलचल को बढ़ा दिया है। न्यूयॉर्क में मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मुलाकात से पहले जम्मू में आतंकवादियों के इस डबल अटैक ने दोनों देशों के बीच की शांतिवार्ता को विफल करने की कोशिश की है। कठुआ में पुलिस स्टेशन पर हमला करने के बाद आतंकियों ने सांबा में सेना कैंप पर धावा बोल दिया। इन हमलों में 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि भारतीय सेना ने 2 आतंकियों को मार गिराया।
वहीं सांबा के लेफ्टीनेंट कर्नल भी इस आंतकी हमले में शहीद हो गए है। सूत्रों से मिला जानकारी के मुताबिक शुहादा ब्रिगेड ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।घाटी में इस हमले के बाद विदेश में बैठे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस आतंकी हमले की निंदा की है। प्रधनामंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि अमन के दुश्मनों ने एक बार फिर से बर्बरता दिखाई है। पीएम ने इसे उकसावेकी कार्रवाई करार देते हुए कहा है कि वो इस हमला का जबाव देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

हमला की निंदा करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि इस आतंकी हमले की निंदा करने के लिए शब्द काफी नहीं है। पीएम ने कहाकि ये शांति की कोशिशों पर हमला है। हम इसका जबाव देगे। जहां पीएम ने इस हमले की निंदा की वहीं जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि हमले का मकसद पाक के साथ शांति वार्ता रोकना है, लेकिन हमारी कोशिश है कि जो लोग अमन पसंद नहीं है उनको नाकामयाब करें। अब्दुल्ला ने कहा कि इस हमले में शहीद हुए सैनिकों और जवानों के परिवारों के साथ उनकी पूरी संवेदना है।
उमर ने इ स बात पर जोर देते हुए कहा कि इस तरह के आंतकी हमले को रोकने के लिए जरुरी है कि भारत-पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत हो, ताकि ये ताकतें कामयाब न हों। शांतिवार्ता की पहल को जारी रखने की अपील करते हुए उमर ने कहा कि उनकी सरकार आंतकियों को इस का मुंहतोड़ जबाव देगी। वहीं गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने जम्मू के डबल अटैक में बाहरी लोगों का हाथ बताया है और कहा कि सरहद पार से आए 4 आतंकियों ने इस हमले को अंजाम दिया।












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