Sania Mirza: सानिया मिर्ज़ा की सबसे बड़ी हार, एक ऐसा मैच जो उन्होंने कभी खेला ही नहीं
Sania Mirza: टेनिस में भारत को अगर किसी महिला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई थी, तो वह सानिया मिर्ज़ा हैं। उनसे पहले महिला कैटेगरी में किसी अन्य प्लेयर ने उतना नाम नहीं कमाया। सानिया आगे बढती चली गईं और जीत भी मिलती चली गई लेकिन इन सबके बीच कहीं न कहीं एक हार भी थी।
शोएब मलिक से सानिया ने शादी की थी, तो यह एक नेशनल मुद्दा बन गया था। टीवी और अख़बारों में इसकी चर्चा थी। सानिया मिर्ज़ा के ऊपर बहस होने लगी कि वह भारत की बेटी हैं या पाकिस्तान की बहू? उनको जुबान से आने वाले शब्दों के कोर्ट में खड़ा कर दिया गया।

वह इस बार किसी टेनिस कोर्ट में नहीं थीं, बल्कि लोगों की बयानबाजी और तानों के कोर्ट में खड़ी थीं। वहां रेफरी, नियमों की किताब कुछ नहीं था। सिर्फ ताने भरे हुए थे। उनकी देशभक्ति के ऊपर भी सवाल खड़े हुए थे।
इतना ही नहीं था, बतौर मुस्लिम लड़की होने की वजह से सानिया मिर्ज़ा के लिए खेलना आसान नहीं था। शॉर्ट्स पहनने पर सवाल उठते थे। उनकी आलोचना हुई, फतवे जारी हुए लेकिन सानिया मिर्ज़ा ने सब कुछ सहन करते हुए अपना काम जारी रखा। हालांकि यह सब करना उनके लिए आसान कार्य नहीं था।
तलाक के बाद टूटा Sania Mirza पर दुखों का पहाड़
इसके बाद टेनिस से रिटायरमेंट और फिर उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस बार सानिया मिर्ज़ा को प्यार में हार मिली। शोएब मलिक ने सना जावेद से शादी करते हुए सानिया मिर्ज़ा को छोड़ दिया। सानिया ने चुप रहते हुए यह दर्द सहन किया और अकेले सब कुछ झेलती हुई चली गईं लेकिन यह उनके जीवन में एक बड़ी हार थी।
फिर से हेडलाइन बनीं, मजाक भी बना और सपोर्ट भी मिला। इस तरह सानिया ने अपने दोस्तों और करीबी लोगों की मदद से खुद को ऊपर उठाया और फिर से खड़ी होकर अपना रास्ता चुन लिया। बेटे इजहान के साथ सानिया मिर्ज़ा अब दुबई में अपना जीवन बिता रही हैं और खुश भी दिख रही हैं।
Sania Mirza ने नहीं खेला जीवन का यह मैच लेकिन मिली हार
सानिया के जीवन में राजनीति, दर्द, पीड़ा, आलोचना सब कुछ था। यह उनके लिए एक ऐसा मैच था, जो उन्होंने खेला नहीं लेकिन हार मिलती चली गई। सानिया मिर्ज़ा की तरफ से इन सबमें कुछ नहीं किया गया। वह सिर्फ चीजों को झेलते हुए चलती रहीं।












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