114 वर्ष के मैराथन धावक Fauja Singh की 'हिट एंड रन' में हुई मौत, जानिए क्यों कहलाते थे 'टर्बन्ड टोर्नाडो'?
Fauja Singh: दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक और 'टर्बन्ड टोर्नाडो' के नाम से मशहूर फौजा सिंह का 14 जुलाई को पंजाब के जालंधर जिले में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, वो 114 वर्ष के थे, पहले लगा कि ये महज एक सड़क हादसा है लेकिन बाद में जब जांच की गई तो पता चला कि उनकी मौत 'हिट एंड रन' की वजह से हुई है।
सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद ये मामला सामने आया और पुलिस ने उस व्यक्ति को भी मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया, जिसकी कार ने फौजा सिंह को टक्कर मारी थी।

पुलिस के मुताबिक इस मामले में पकड़े गए व्यक्ति का नाम अमृतपाल सिंह ढिल्लों है, जिसकी उम्र 30 साल है और वो एनआरआई है। पुलिस ने उसकी कार फॉर्च्यूनर गाड़ी (पीबी 20 सी 7100) भी बरामद कर लिया है। पुलिस का कहना है कि अमृतपाल सिंह ढिल्लों अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
फौजा सिंह कौन थे? (Fauja Singh)
फौजा सिंह का जन्म 1 अप्रैल, 1911 को हुआ था। फौजा सिंह ने एक साधारण धावक के रूप में शुरुआत की थी लेकिन भारत के विभाजन ने उनके जीवन को प्रभावित किया था। वह जन्म से ही कमजोर थे और चार साल की उम्र तक चल भी नहीं सकते थे। डॉक्टरों ने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन उन्होंने अपने हौसले से सबको गलत साबित कर दिया।
100 वर्ष की उम्र में भी मैराथन दौड़ने वाले पहले व्यक्ति थे Fauja Singh
कोई सोच नहीं सकता था कि जो बच्चा बचपन में ठीक से चल नहीं पाता है, वो एक दिन मैराथन दोड़ेगा। आपको बता दें कि वो 100 वर्ष की उम्र में भी मैराथन दौड़ने वाले पहले व्यक्ति बने थे इसलिए उन्हें 'सिख सुपरमैन' और 'टर्बन टॉरनेडो' जैसे उपनामों से पुकारा जाता है।
आइए एक नजर डालते हैं Fauja Singh के अब तक के सफर पर
- जन्म: 1 अप्रैल 1911
- जन्म स्थान: बहाल गांव, जालंधर, पंजाब, ब्रिटिश भारत
- मैराथन करियर की शुरुआत
- फौजा सिंह ने अपनी पहली मैराथन 89 वर्ष की उम्र में लंदन मैराथन (2000) में पूरी की।
- उन्होंने 2003 में टोरंटो वर्ल्ड मैराथन में रिकॉर्ड बनाया और 100 वर्ष की उम्र में मैराथन पूरी करने वाले पहले व्यक्ति बने।
- उन्होंने न्यूयॉर्क, लंदन, टोरंटो, हांगकांग आदि स्थानों पर कई रेसों में भाग लिया।

उपलब्धियां (Fauja Singh )
- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: 100 वर्ष की उम्र में मैराथन पूरी करने वाले पहले इंसान।
- ब्रिटिश एशियन स्पोर्ट्स पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर (2004)
- लंदन ओलंपिक 2012 की मशाल रैली में हिस्सा लिया।
- 2013 में संन्यास लेने तक फौजा सिंह ने 9 मैराथन दौड़ें पूरी की थीं।
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पीएम मोदी ने जताया दुख (Fauja Singh)
फौजा सिंह के निधन पर पीएम मोदी ने भी गहरा शोक प्रकट किया था। उन्होंने एक्स पर लिखा था कि ' फौजा सिंह जी अपने अद्वितीय व्यक्तित्व और फिटनेस जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भारत के युवाओं को प्रेरित करने के अपने तरीके के कारण असाधारण थे। वे अद्भुत दृढ़ संकल्प वाले एक असाधारण एथलीट थे। उनके निधन से बहुत दुःख हुआ। मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार और दुनिया भर में उनके अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।'












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