अगर नहीं होती ये गलतियां तो 6 नहीं 13 मेडल के साथ खत्म होता भारत का ओलंपिक सफर, जानें कैसे हो गई चूक
Paris 2024 Olympics Indian players: पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत का सफर आखिरी दिन बिना किसी मेडल के खत्म हो गया। बड़ी उम्मीदों के बावजूद भारत को केवल छह मेडल ही मिले। जो टोक्यो ओलंपिक 2020 में जीते गए सात मेडलों से एक कम है। कई भारतीय एथलीट जीत के करीब पहुंचे, लेकिन मामूली अंतर से चूक गए। आइए नजर डालते हैं उन एथलीटों पर जो अगर मेडल जीत जाते तो भारत की पदकों की संख्या अभी 13 होती।
मनु भाकर को मिल सकती थी सफलता
निशानेबाज मनु भाकर ने 25 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते। इसके बाद उन्हें एक और ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका मिला। फाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए हंगरी की निशानेबाज वेरोनिका मेजर से सिर्फ एक शॉट से हारकर मेडल से चूक गईं।

निशानेबाजी और बैडमिंटन में करीबी मुकाबला
बैडमिंटन में लक्ष्य सेन ओलंपिक में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर बने। उनके पास ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका था, लेकिन चोट लगने के कारण उन्हें मलेशिया के ली ज़ी जिया से हार का सामना करना पड़ा। भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निशानेबाजी में रहा। जहां महेश्वरी चौहान और अनंतजीत सिंह नरुका ब्रॉन्ज के लिए पहुंचे। वे चीनी जोड़ी से सिर्फ़ एक अंक से हार गए। इसी तरह मिश्रित टीम तीरंदाजी में धीरज बोम्मादेवरा और अंकिता भकत अमेरिकी जोड़ी से हारकर चौथे स्थान पर रहे।
इन खिलाड़ियों को भी मिली निरीशा
भारतीय निशानेबाज अर्जुन बाबूता ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के ब्रॉन्ज मेडल मैच में भाग लिया, लेकिन पदक हासिल करने से चूक गए। टोक्यो 2020 में रजत जीतने वाली मीराबाई चानू भारोत्तोलन में सिर्फ 1 किलोग्राम से चौथे स्थान पर रहीं। पहलवान विनेश फोगट फाइनल में पहुंचीं, लेकिन 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया।












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