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NEERAJ CHOPRA: पहले गोल्ड अब डायमंड, नीरज चोपड़ा के बारे में 10 अनसुनी कहानियां

By अंकुर शर्मा
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खेल डेस्क, 11 सितंबर।टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए सोना जीतने वाले स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर से विश्वपटल पर देश को इतराने का मौका दिया है। 24 साल के हरियाणा के इस बांके छोरे ने ज्यूरिख में डायमंड लीग फाइनल्स का खिताब जीतकर सफलता का नया इतिहास रचा है। आपको बता दें कि 2010 में शुरू हुए डायमंड लीग के 13वें एडिशन में खिताब जीतने वाले नीरज पहले इंडियन एथलीट हैं।

आइए जानते हैं भारत के 'डायमंड' नीरज चोपड़ा के बारे में 10 अनसुनी कहानियां

ओलंपिक में गोल्ड मेडल

ओलंपिक में गोल्ड मेडल

टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा पहले भारतीय हैं, उन्होंने 87.58 मीटर जैवलिन थ्रो फेंककर भारत को पहली बार इस कैटेगरी में सोना दिलाया था और दिवंगत दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह का अधूरा सपना पूरा किया था।

 व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण जीता

व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण जीता

नीरज चोपड़ा ओलंपिक के व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण जीतने वालेदूसरे खिलाड़ी है, इससे पहले ये खिताब अभिनव बिंद्रा के नाम पर था, जिन्होंने बीजिंग ओलंपिक 2008 में शूटिंग में गोल्ड जीता था।

80 किलो के थे नीरज चोपड़ा, उड़ता था मजाक

80 किलो के थे नीरज चोपड़ा, उड़ता था मजाक

पानीपत के रहने वाले नीरज चोपड़ा ने भाला फेंकने की शुरुआत अपना वजन कम करने के लिए की थी, क्योंकि बचपन में नीरज का वजन 80 किलो था, इसलिए लोग उनका मजाक उड़ाया करते थे। वजन कम करने के लिए उनके घरवाले उन्हें पानीपत स्टेडियम में दौड़ने-भागने के लिए रोज सुबह-शाम भेजा करते थे, जहां नीरज ने शौकिया तौर पर भाला फेंकना, रस्सी कूदना और जंपिग करना शुरू किया था लेकिन तब किसी को नहीं पता था अस्सी किलो का ये भारी-भरकम बच्चा एक दिन देश के लिए इतिहास लिखेगा।

पंचकुला से शुरू हुआ जैवलिन थ्रो का सफर

पंचकुला से शुरू हुआ जैवलिन थ्रो का सफर

धीरे-धीरे उन्हें लगा कि वो जैवलिन में अच्छा कर सकते हैं, उनकी रूचि इस ओर बढ़ गई, उनका वजन तो कम हुआ ही साथ ही वो इसमें बेहतर करने लगे और फिर वो पहुंचे पंचकुला , जहां से सही मायने में बतौर एथलीट उनका सफर शुरू हुआ। इस दौरान उन्‍होंने नेशनल स्‍तर पर कई मेडल अपने नाम किए।

एक छात्र से सीधे ऑफिसर बने

एक छात्र से सीधे ऑफिसर बने

नीरज ने इस दौरान अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दिया और उन्होंने बीबीए कॉलेज से स्नातक कर लिया था। उन्हें पहली बड़ी सफलता हासिल हुई साल 2016 में , जहां उन्होंने IAAF World U-20 Championship में सोना जीता था और इसी सफलता के पुरस्कार के रूप में इंडियन आर्मी ने राजपुताना रेजिमेंड में बतौर जूनियर कमिशन्ड ऑफिसर उन्हें नियुक्त किया जिसके बाद नीरज एक छात्र से सीधे ऑफिसर बन गए।

सरकारी नौकरी में घर से पहले व्यक्ति

सरकारी नौकरी में घर से पहले व्यक्ति

आपको बता दें कि पानीपत के गांव खांद्रा में एक किसान के घर पर 24 दिसंबर 1997 को जन्मे नीरज एक संयुक्त परिवार से हैं और वो अपने घर से पहले व्यक्ति हैं जो कि सरकारी नौकरी में हैं।

कलाई में लगी थी गंभीर चोट

कलाई में लगी थी गंभीर चोट

आज जिस कलाई के दम पर नीरज ने सक्सेस की नई स्टोरी लिखी है, उसी कलाई में साल 2012 में बास्केटबॉल खेलते वक्त गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद नीरज को लगा था कि वो अब कभी नहीं खेल पाएंगे।

ताकत के लिए नॉनवेज खाना शुरू किया

ताकत के लिए नॉनवेज खाना शुरू किया

नीरज चोपड़ा को जैवलिन थ्रो फेंकने के लिए काफी ताकत की जरूरत थी, उन्हें डॉक्टरों ने अपने भोजन में प्रोटीन बढ़ाने को कहा था तो शाकाहारी नीरज ने नॉनवेज खाना शुरू कर दिया।

'गोलगप्पे' को मानते हैं जंक फूड

'गोलगप्पे' को मानते हैं जंक फूड

नीरज के लिए पिज्जा-बर्गर जंक फूड नहीं है, बल्कि उनके लिए जंक फूड 'गोलगप्पे' हैं, जो कि उन्हें बहुत ज्यादा पसंद है और कभी टेस्ट बदलने के लिए वो इसे जरूर खाते हैं।

दोस्त बुलाते थे 'मोगली'

दोस्त बुलाते थे 'मोगली'

नीरज को लंबे बालों का शौक है और अपने इसी लुक के कारण वो अपने दोस्तों में 'मोगली' के नाम से पुकारे जाते थे।

सिंगर बब्बू मान के बड़े फैन

सिंगर बब्बू मान के बड़े फैन

नीरज के खेल के अलावा संगीत सुनने का भी शौक है लेकिन वो बॉलीवुड गीतों से ज्यादा हरियाणी- पंजाबी गीतों को सुनना पसंद करते हैं, वो सिंगर बब्बू मान के बड़े फैन हैं।

एक नजर नीरज चोपड़ा के अब तक के रिकॉर्ड पर

एक नजर नीरज चोपड़ा के अब तक के रिकॉर्ड पर

  • 2018 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
  • 2017 विश्व अंडर -20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
  • 2016 दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक
  • 2016 एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
  • 2016 में रजत पदक वर्तमान राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक (88.07 मीटर - 2021)
  • वर्तमान विश्व जूनियर रिकॉर्ड धारक (86.48 मीटर - 2016)

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English summary
Neeraj Chopra becomes first Indian to win Diamond Trophy with 88.44m throw.From Olympics to Diamond League, Neeraj Chopra creates history, Read 10 Unknown Facts about him.
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