Pro Kabaddi League: पटना पाइरेट्स की इस बार क्या है बड़ी कमजोरी? हैरान कर देगी जानकारी
Pro Kabaddi League: तीन बार की चैंपियन पटना पाइरेट्स प्रो कबड्डी लीग के 12वें सीज़न में एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। पिछला सीजन टीम ने फाइनल तक पहुंचकर खत्म किया था, लेकिन खिताब जीतने से चूक गई थी। अब टीम की कमान पूर्व भारतीय कप्तान अनूप कुमार के हाथों में है, जिनके नेतृत्व में पाइरेट्स अपनी चौथी ट्रॉफी की तलाश में उतरेगी।
सीजन 11 के फाइनल में हार के तुरंत बाद, टीम मैनेजमेंट ने कोच नरेंद्र रेड्डू को हटाकर नई शुरुआत की। अनुभवी खिलाड़ी और कोच अनूप कुमार को मुख्य कोच नियुक्त किया गया। अनूप न केवल अर्जुन अवार्डी हैं, बल्कि यू मुम्बा को लगातार तीन बार फाइनल तक पहुंचा चुके हैं।

पाइरेट्स की रणनीति पर एक नज़र
पाइरेट्स की डिफेंस लाइन इस सीजन बेहद मज़बूत नजर आ रही है, डिफेंस इस टीम का मुख्य हथियार नजर आता है। स्टार डिफेंडर अंकित जागलान को ₹1.573 करोड़ में FBM कार्ड के ज़रिए रिटेन किया गया है, जिन्होंने पिछले सीजन 79 टैकल पॉइंट्स झटके थे। दीपक सिंह भी ₹86 लाख में दोबारा टीम का हिस्सा बने हैं। सोमबीर गुलिया और अमिन घोरबानी जैसे अनुभवी डिफेंडर डिफेंस को और ठोस बनाते हैं। टीम में कई और युवा डिफेंडर भी शामिल हैं जो जरूरत के समय टीम को गहराई देंगे।
क्या है टीम की कमजोरी
टीम से देवंक दलाल जैसे मैच-विनर रेडर का जाना बड़ा झटका है। उन्होंने पिछले सीज़न में 301 रेड पॉइंट्स के साथ "बेस्ट रेडर" अवॉर्ड जीता था। इसके अलावा, शुभम शिंदे की भी कमी टीम को डिफेंस में महसूस हो सकती है।
अयान और अनूप हैं उम्मीद की किरण
अब टीम की रेडिंग की ज़िम्मेदारी युवा अयान लोचब पर है, जिन्होंने पिछले सीजन 184 पॉइंट्स के साथ "न्यू यंग प्लेयर" का खिताब जीता था। अनुभवी रेडर मनिंदर सिंह का अनुभव भी टीम के काम आएगा। मुख्य कोच अनूप कुमार की कप्तानी और खिलाड़ियों को समझने की क्षमता टीम को एक नई दिशा दे सकती है।
किस चीज का है डर
भले ही अनूप कुमार का नाम बड़ा हो, लेकिन कोचिंग में उनका ट्रैक रिकॉर्ड अभी उतना दमदार नहीं रहा है, पुनेरी पलटन उनके कोच रहते हुए टॉप-4 में नहीं आ सकी थी। साथ ही, ऑलराउंडरों की कमी टीम की रणनीतिक लचीलापन पर असर डाल सकती है।












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