मध्य प्रदेश के किसान की बेटी ने किया कमाल, अहम कबड्डी लीग में बनाई जगह
जब हौसले बुलंद हो, तो मुश्किल डगर पर चलकर मंजिल प्राप्त की जा सकती है। एक किसान की बेटी सुर्ख़ियों में है। महाराष्ट्र से आने वाली मुस्कान की कहानी बेहद प्रेरणादायी है। छतरपुर जिले के बारहा गाँव से आने वाले किसान नारायण सिंह की बेटी मुस्कान सुर्ख़ियों में है।
वह महाराष्ट्र के अमरावती में राज्य स्तरीय कबड्डी टूर्नामेंट में भाग ले रही है। 22 से 25 अक्टूबर तक होने वाले इस आयोजन में पांच राज्यों की 74 टीमें भाग ले रही हैं। मुस्कान का चयन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो खेल और पारिवारिक खेत पर उसकी जिम्मेदारियों दोनों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुस्कान की यात्रा उसके स्कूल के दिनों में ही शुरू हो गई थी जब उसने पहली बार कबड्डी खेलना शुरू किया था। खेती-बाड़ी के कामों को कड़ी ट्रेनिंग के साथ संतुलित करते हुए, उसकी मेहनत अब रंग लाई है, जिससे उसे प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जगह मिली है। उसकी लगन परिवार और गांव वालों के लिए उम्मीद की किरण है, जो उसे दृढ़ता और जुनून की मिसाल के रूप में पेश कर रही है।
पूरा गांव मुस्कान के साथ खड़ा है, जिसमें गांव की सरपंच हीरामणि कुशवाह के पति राजकुमार कुशवाह भी एक उल्लेखनीय समर्थक के रूप में उभरे हैं। उन्होंने न केवल मुस्कान को स्पोर्ट्स शूज मुहैया कराए हैं, बल्कि महाराष्ट्र तक की यात्रा का खर्च भी उठाया है। यह सामूहिक समर्थन मुस्कान की क्षमताओं में आशा दर्शाता है।
इसी तरह की कहानी हरियाणा के रोहतक जिले की एक और किसान की बेटी प्रीति गुलिया की रही है, जिसने घुटने की चोट पर काबू पाकर बेंगलुरु में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2021 में 63 किलोग्राम महिला जूडो फ़ाइनल में स्वर्ण पदक जीतकर अपने पिता का सपना पूरा किया।
मुस्कान और प्रीति की ये कहानियाँ ग्रामीण पृष्ठभूमि की युवा महिलाओं की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती हैं जो खेलों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रही हैं, सामाजिक मानदंडों और अपेक्षाओं को चुनौती दे रही हैं। उनकी उपलब्धियाँ न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण और कौशल को दर्शाती हैं, बल्कि उनके समुदायों और परिवारों से मिलने वाले समर्थन और प्रोत्साहन को भी दर्शाती हैं।












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