WTC Final: ओवल में पिछला टेस्ट भारत जीता है तो ऑस्ट्रेलिया हारा है
WTC Final: लंदन के द ओवल में ऑस्ट्रेलिया की टीम को अपने पिछले मैच में हार मिली थी। उनके ऊपर दबाव भी रहेगा।

WTC Final: भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार को इंग्लैंड के अरुंडेल शहर से लंदन पहुंची। ओवल क्रिकेट ग्राउंड दक्षिणी लंदन में अवस्थित है। यहीं भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच खेला जाना है। 7 जून से यहां खिताबी मुकाबला शुरू होगा। अब भारतीय टीम ओवल के मौसम और पिच के अनुरूप ढलने के लिए यहां चार दिनों तक प्रैक्टिस करेगी। ओवल मैदान सरे काउंटी का होम ग्राउंड है। चूंकि यह मैदान फाइनल के लिए तैयार हो रहा था इसलिए भारतीय टीम ने कुछ दिनों तक अरुंडेल शहर में प्रैक्टिस की थी।
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क्रिकेट के पहले फुटबॉल का आनंद
जिस दिन भारतीय टीम लंदन पहुंची उसी दिन इंग्लैंड की प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिता (एफए कप) का फाइनल मैच होना था। विराट कोहली, शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव ने फुटबॉल के फाइनल मैच का लुत्फ उठाया। क्रिस गेल भी यह मैच देखने के लिए वेम्बले स्टेडियम पहुंचे थे। जहां तक ऑस्ट्रेलिया की बात है तो वह इंग्लैंड में गत गुरुवार से ही प्रैक्टिस कर रहा है। कंगारू टीम सेंट्रल लंदन से करीब 20 किलोमीटर दूर बेकनहन शहर में अभ्यास कर रही थी। अब वह भी लंदन पहुंच चुकी है।
ओवल पर ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन बहुत खराब
भारतीय टीम इस समय आत्मविश्वास से भरी हुई नजर आ रही है। अगर आंकड़ों की बात करें तो ओवल मैदान पर ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन बहुत खराब है। ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ इस मैदान अभी तक 38 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें से वह केवल 7 मैच ही जीत पाया है। यानी उसकी सफलता की दर 18.42 फीसदी ही है। कंगारू इस मैदान पर पिछले 50 साल में केवल दो टेस्ट ही जीत पाये हैं। ओवल उनके लिए हमेशा से एक कठिन मैदान रहा है। जबकि लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को ज्यादा सफलता मिली है। पिछले 50 साल में उसने लॉर्ड्स में 29 टेस्ट खेले हैं जिसमें से 17 जीते हैं। जब विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच ओवल में होना तय हुआ तो ऑस्ट्रेलिया पर एक मानसिक दबाव बन गया।
इस बार नये इरादों के साथ ओवल पहुंचा है भारत
हालांकि इस मैदान पर भारत का प्रदर्शन भी बहुत अच्छा नहीं है। ओवल मैदान पर भारत ने कुल 14 टेस्ट मैच खेले हैंजिसमें से 2 में जीत और 5 में हार मिली है। 7 टेस्ट मैच बराबरी पर छूटे हैं। चूंकि दो साल पहले भारत ने इस मैदान पर इंग्लैंड को 157 रनों से हराया था इसलिए वह सकारात्मक सोच के साथ फाइनल खेलन आया है। 2021 में भारत को यहां 40 साल बाद विजय मिली थी। अब भारत एक नया इतिहास रचने के कगार पर खड़ा है। इस बार का ओवल टेस्ट मैच बहुत खास है। इसके नतीजे से तय होगा कि क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप का बादशाह कौन है। भारत के हक में एक और बात है। उसने ऑस्ट्रेलिया को लगातार चार टेस्ट सीरीज में मात दी है। दो ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर और अपनी जमीन पर। इस असाधारण उपलब्धि से भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा है।
2019- ओवल में ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने ओवल मैदान पर पिछला टेस्ट मैच 2019 में खेला था जो कि वह हार गया था। यह मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा था। इंग्लैंड ने पहले खेल कर 294 रन बनाये थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी चली नहीं। वो तो स्टीवन स्मिथ ने 80 रन बना दिये वर्ना 225 रन भी नहीं बनते। उस समय इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का बड़ा दबदबा था। उन्होंने 6 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी थी। इंग्लैंड ने दूसरी पारी में जोरदार बल्लेबाजी की। जो डेनली के 94 और बेन स्टोक्स के 67 रनों की बदौलत इंग्लैंड ने 329 रनों का स्कोर खड़ा किया। ऑस्ट्रेलिया को जीतने के लिए 399 रनों का लक्ष्य मिला। उसे ठोस शुरुआत की जरूरत थी। लेकिन 29 रन पर ही उसके दो विकेट गिर गये। इस बार क्रिस ब्रॉड ने कहर बरपाया।
135 रनों से हार गये कंगारू
ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी भी लड़खड़ा गयी। हालांकि मैथ्यू वेड ने 117 रनों की पारी खेली थी लेकिन उन्हें किसी अन्य बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। लाबुशेन और स्टीवन स्मिथ से बहुत आस थी। लेकिन वे 14 और 23 रन बना कर चलते बने। टीम के विकेटकीपर और कप्तान टिम पेन भी वेड का साथ नहीं दे सके। उन्होंने 21 रन बनाये। ऑस्ट्रेलिया केवल 263 रन ही बना सका। इस तरह इंग्लैंड ने 135 रनों से यह टेस्ट जीत लिया था। ऑस्ट्रेलिया के पास समय की कोई कमी नहीं थी। अगर डेविड वार्नर, मार्नस लाबुसेन, स्टीन स्मिथ और टिम पेन ने अच्छी बल्लेबाजी की होती तो वे यह टेस्ट मैच जीत सकते थे। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की खराब बल्लेबाजी के कारण यह टेस्ट मैच चार दिनों में खत्म हो गया। इस बार तेज गेंदबाज क्रिस ब्रॉड (4विकेट) के अलावा स्पिनर जैक लीच (4 विकेट) और जो रूट (2 विकेट) ने मैच जिताऊ गेंदबाजी की। यानी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने स्पिनरों के सामने भी घुटने टेक दिये थे।












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