WTC FINAL: भारत को संभलकर करनी होगी बैटिंग, पिच पर अभी भी सीम मूवमेंट और असामान्य उछाल
भारत ने दूसरे सत्र के पहले घंटे में ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट झटके। लेकिन इसके बाद हेड और स्मिथ ने टीम को संभाल लिया।

WTC FINAL का दूसरा दिन, पहले दिन ही ऑस्ट्रेलिया बड़े स्कोर की नींव रख दी थी। अच्छी शुरुआत के बाद भी भारत पहले दिन पिछड़ गया था। लेकिन दूसरे दिन भारत आक्रामक अंदाज में मैदान पर उतरा। उसने पहले सत्र में ऑस्ट्रेलिया के चार विकेट लिये। लेकिन ऑस्ट्रेलिया इन झटकों से जल्द उबर गया। एलेक्स कैरी और पैट कमिंस ने आठवें विकेट के लिए 50 रनों से अधिक की साझेदारी कर टीम को फिर बड़े स्कोर की तरफ अग्रसर कर दिया। ऑस्ट्रेलिया का आठवां विकेट 453 रन पर गिरा। रवीन्द्र जडेजा ने कैरी को 48 रनों पर पगबाधा आउट किया। अंतत: ऑस्ट्रलिया ने 469 रनों का स्कोर खड़ा कर लिया। भारत ने दूसरे सत्र के पहले घंटे में ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट झटके।
आखिर शॉर्ट पिच गेंद पर ही आउट हुए हेड
ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ ने चौथे विकेट के लिए 285 रन जोड़ कर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। एक समय ऑस्ट्रेलिया 76 रनों पर 3 विकेट गंवाकर संघर्ष करता नजर आ रहा था। लेकिन हेड और स्मिथ ने उसे सुरक्षित स्थिति में पहुंचा दिया। बुधवार से चर्चा हो रही थी कि भारत ने ट्रेविड हेड को शॉर्ट पिच गेंद डालने में देर कर दी। गुरुवार को जब खेल शुरू हुआ तो सिराज और शमी ने बाउंसर की झड़ी लगा दी। आखिरकार हेड सिराज की एक शॉर्ट पिच गेंद पर आउट हो गये। सिराज ने लेग स्टंप पर एक छोटी गेंद डाली। हेड रूम बना कर उसे लेग साइड में खेलना चाहते थे। लेकिन वे गेंद की लाइन बिल्कुल नहीं समझ पाये। शॉट को मिस टाइम कर बैठे और गेंद बल्ले को छूती हुई कीपर भरत के दस्ताने में समा गयी। हेड 163 रनों पर आउट हुए तो एक बड़ी साझेदारी का अंत हुआ।
भारत के खिलाफ चौथी सबसे बड़ी साझेदारी
हेड और स्मिथ के बीच चौथे विकेट के लिए 285 रनों की साझेदारी, भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की चौथी सबसे बड़ी साझेदारी है। अगर ये साझेदारी नहीं टूटती तो ऑस्ट्रेलिया एक विशाल स्कोर की तरफ अग्रसर हो जाता। हेड के आउट होने के बाद कैमरून ग्रीन का विकेट भी जल्द गिर गया। इस बार शमी ने भारत को विकेट दिलाया। शमी ने ये फुलर लेंथ की गेंद ऑफ स्टंप के बाहर डाली थी। कैमरून ग्रीन कुछ सुस्त अंदाज में इस पर ड्राइव खेलने गये। उनके पांव गेंद की पिच तक नहीं पहुंचे थे फिर भी उन्होंने जोर से बल्ला घुमाया। नजीतन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर तेजी से दूसरे स्लिप की तरफ गयी। शुभमन गिल ने एक शानदार कैच पकड़ कर ग्रीन की पारी का अंत किया। ग्रीन को कठिन चुनैती के रूप में देखा जा रहा था क्यों कि उन्होंने आइपीएल बल्ले से खूब धमाल माचाया था। लेकिन ओवल में वे टेस्ट के अनुरूप धैर्य नहीं दिखा सके।
शार्दुल को रास आती है इंगलिश कंडिशन
शार्दुल ठाकुर ने एक बार फिर साबित किया कि वे इंग्लैंड- ऑस्ट्रेलिया में भारत के सबसे उपयोगी ऑलराउंडर हैं। उनकी मध्यम गति की गेंद यहां की पिच पर जबर्दस्त स्विंग करती है जो विकेट दिलाने वाली होती है। जब दो विकेट जल्द गिर गये तो कप्तान रोहित शर्मा ने एक और विकेट की तलाश में गेंद शार्दुल ठाकुर को थमायी। वे पारी का 99वां ओवर और दूसरे दिन का अपना पहला ओवर लेकर आये। उनकी पहली ही गेंद धीमी गति की आउटस्विंगर थी जो ऑफ स्टंप से छोड़ा बाहर निकल रही थी। स्टीव स्मिथ ने उस पर प्रहार करना चाहा लेकिन गेंद बल्ले का अंदरुनी किनारा लेकर विकेट में समा गयी। शार्दुल ठाकुर ने एक फिर तब विकेट लिया जब टीम के इसकी सख्त जरूरत थी। शारदुल की यही खूबी उन्हें टेस्ट टीम का हिस्सा बनाती है।
ओवल में स्मिथ के 3 शतक
शार्दुल ने स्मिथ (121) का कीमती विकेट लेकर भार को राहत दिलायी। स्मिथ शतक बना चुके थे। अगर वे विकेट पर और टिक जाते तो ऑस्ट्रेलिया का स्कोर पांच सौ के पार जा सकता था। वह इसलिए क्यों कि ओवल का मैदान स्मिथ को खूब रास आता है। वे इस मैदान पर 3 शतक लगा चुके हैं। डॉन ब्रैडमैन (553) के बाद स्मिथ (512) वह बल्लेबाज हैं जिन्होंने ओवल में सबसे अधिक रन बनाये हैं। वे भारत के खिलाफ बड़ी पारी खेलने के लिए जाने जाते हैं। स्मिथ भारत के खिलाफ अब तक 9 टेस्ट शतक लगा चुके हैं जो किसी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज के लिए सर्वाधिक है।
भारत को पहली पारी में बड़े स्कोर की जरूरत
ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 469 रन बनाये हैं। इस तरह वह एक सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया है। अब सारा दबाव भारत पर है कि वह अपनी पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के नजदीक या पार पहुंचे। इसके लिए भारत के टॉप ऑर्डर को दमदार बल्लेबाजी करनी होगी। वैसे टॉस जीत कर गेंदबाजी चुनने का विकल्प भारत के लिए नुकसानदेह ही रहा है। भारत ने अब तक 57 टेस्ट मैचों में टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी की है। इसमें से केवल 9 मैच ही वह जीत पाया है। 20 मैचों में उसे हार मिली है। 28 मैच ड्रॉ रहे हैं। भारत को पहले फील्डिंग चुनने पर आखरी जीत 2013 में मिली थी जब उसने वेस्टइंडीज को हराया था। इसलिए इस खराब रिकॉर्ड को बदलने के लिए भारत को पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा।












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