क्या मोहम्मद शमी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में खेलेंगे? बीसीसीआई की तरफ से आया बड़ा अपडेट
ऑस्ट्रेलिया में संघर्ष कर रही भारतीय टीम को मोहम्मद शमी जैसे धांसू गेंदबाज की सख्त जरूरत है। शमी को ऑस्ट्रेलिया भेजने की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि बीसीसीआई की तरफ से उनकी फिटनेस को लेकर काफी समय से कोई अपडेट नहीं था लेकिन अब प्रतिक्रिया आई है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट बचे हुए हैं और उससे पहले बीसीसीआई ने शमी के फिटनेस को लेकर बड़ा अपडेट आया है। बोर्ड ने एक रिलीज जारी करते हुए जानकारी दी कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बीसीसीआई की मेडिकल टीम भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की दाहिनी एड़ी की सर्जरी के बाद उनकी रिकवरी और पुनर्वास पर उनके साथ मिलकर काम कर रही है। शमी एड़ी की इस समस्या से पूरी तरह उबर चुके हैं।

बोर्ड ने यह भी बताया कि वर्कलोड के कारण जोड़ों पर भार बढ़ने के बाद उनके बाएँ घुटने में हल्की सूजन आ गई।लम्बे समय के बाद गेंदबाजी करने के कारण ऐसा होना लाजमी है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने गेंदबाजी लोड के लिए और समय देने की जरूरत बताई। इस वजह से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के शेष दो मैचों के लिए उन पर विचार नहीं किया गया।
बोर्ड की रिलीज में यह भी बताया गया कि बंगाल के लिए एमपी के खिलाफ रणजी मैच में शमी ने 34 ओवरों की गेंदबाजी की थी और बाद में सैयद मुश्ताक अली के 9 मैचों में भी भाग लिया था। वहां उन्होंने टेस्ट मैचों के लिए तैयार होने के उद्देश्य से अतिरिक्त गेंदबाजी सेशन में भाग लिया था।
मेडिकल स्टाफ की निगरानी में मोहम्मद शमी स्ट्रेंथ और कंडिशनिंग वर्क करते रहेंगे। इससे वह अपनी गेंदबाजी के लिए जरूरी चीजों को हासिल करने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा विजय हजारे ट्रॉफी में उनका खेलना घुटने की स्थिति पर निर्भर करेगा। सीधे शब्दों में कहा जाए, तो शमी फिर से चोटिल हो गए हैं और फिटनेस हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। वह पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं। वापसी का इंतजार लम्बा हो गया है।












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