ऋषभ पंत किस वजह से नहीं बनाये गए कप्तान? प्रमुख दावेदार होने के बाद क्यों शुभमन गिल को मिली कमान
IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए ऋषभ पंत के हाथ में कप्तानी आते-आते रह गई। नया कप्तान शुभमन गिल को बनाते हुए पंत को उपकप्तान बनाया गया है। हालांकि पंत के नाम पर विचार चल रहा था और वह टेस्ट कप्तान बनने के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे।
सवाल यह खड़ा होता है कि ऐसा क्या हुआ, जो पंत की जगह गिल को कप्तान बना दिया गया। क्या ऐसे कारण रहे होंगे, जो पंत को कप्तान बनाने के बीच में आ गए। ताजा मामला तो आईपीएल का ही उठाया जा सकता है। वह एक मुख्य कारण है, जहां पंत की कप्तानी खराब रही है।

गिल आईपीएल में गुजरात की कप्तानी पिछले दो सालों से कर रहे हैं और प्रभावित करने में सफल रहे हैं। इस सीजन उनकी टीम प्लेऑफ़ तक गई है और इस दौरान गिल के पर्सनल प्रदर्शन के ऊपर कोई असर नहीं पड़ा। गिल ने बल्ले से नियमित रन बनाए हैं और टीम भी आगे बढती चली गई।
दूसरी तरफ ऋषभ पंत का ग्राफ नीच गिरता चला गया। लखनऊ प्लेऑफ़ से बाहर तो हुई है, साथ ही पंत के ऊपर कप्तानी का पूरा दबाव देखने को मिला है। वह महज एक फिफ्टी जमाने में सफल हो पाए हैं। इस तरह गिल आगे निकल गए और सलेक्टर्स की नजरें उनके ऊपर ही टिकी रहीं। हालांकि पंत को कप्तान बनाने के पक्ष में भी कुछ लोग थे लेकिन अंततः गिल को कप्तान बना दिया गया।
पंत और गिल का आईपीएल प्रदर्शन
लखनऊ की कप्तानी करते हुए ऋषभ पंत ने 13 मैचों में एक अर्धशतक की मदद से 151 रन बनाए हैं। दूसरी तरफ गुजरात टाइटंस की कप्तानी करते हुए शुभमन गिल ने 13 मैचों में 636 रन बनाए हैं। कहीं न कहीं सलेक्टर्स उनके इस प्रदर्शन से प्रभावित जरुर हुए होंगे।
गिल को देखा जा रहा भविष्य का लीडर
एक और अहम चीज भविष्य की खोज भी मानी जा सकती है। लम्बे समय तक टेस्ट में टीम को लीड करने वाले कप्तान की आवश्यकता भारत को थी। 25 साल के गिल में वह बात नजर आती है। वह लम्बे समय तक टीम इंडिया की कप्तानी करते हुए टेस्ट क्रिकेट खेल सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications