Explained: संन्यास लेकर अपना ही सपना तोड़ बैठे विराट कोहली, टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के हो सकते हैं ये 5 बड़े कारण

Virat Kohli Retirement Explained: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करके फैंस को हैरान कर दिया। विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वह खेल के सबसे लंबे प्रारूप से संन्यास लेने जा रहे हैं। अपने फैसले के बारे में विराट कोहली बीसीसीआई को बताने वाले थे। लेकिन कोहली ने सोशल मीडिया पर सीधा फैंस को इस बात की जानकारी दी। कोहली के संन्यास लेने से टेस्ट में उनका 10000 रन पूरा करने का सपना भी टूट गया।

विराट कोहली ने लिया संन्यास (Virat Kohli Retirement)

ऐसी खबरें थी कि बीसीसीआई ने विराट कोहली को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। हालांकि, रोहित शर्मा के संन्यास की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद कोहली ने भी ऐसा ही किया, क्योंकि भारतीय टीम जून में इंग्लैंड के साथ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने वाली है। ऐसे में रोहित शर्मा और विराट कोहली का संन्यास लेना टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। आइए यहां कुछ कारणों के बारे में जानते हैं जिस कारण कोहली ने संन्यास का फैसला लिया होगा...

Virat Kohli 1

कोहली का खराब फॉर्म

विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट में हाल के वर्षों में फॉर्म में गिरावट देखने को मिली है। साल 2019 के अंत तक उनका टेस्ट औसत लगभग 55 था, जो अब घटकर 47 के नीचे आ गया है। 2020 से लेकर अब तक कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में केवल तीन शतक लगाए हैं। इस अवधि में उनका बल्लेबाजी औसत 35 से भी कम रहा है। इस फॉर्म में गिरावट ने उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए थे।

इस वजह से परेशान थे कोहली

विराट कोहली अपनी बल्लेबाजी में एक कमजोरी से जूझ रहे थे, जो ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर उनकी असमर्थता थी। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान, यह समस्या ज्यादा सामने आई जब वह लगातार विकेट के पीछे कैच हो रहे थे। हर बार गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के हाथों में समा जाती थी। इस कमजोरी ने उन्हें काफी परेशान किया।

वनडे वर्ल्ड कप पर फोकस

विराट कोहली अगले वनडे वर्ल्ड कप 2027 पर पूरी तरह से फोकस कर रहे हैं। पिछला वर्ल्ड कप 2023 में भारत ने फाइनल तक पहुंचकर अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन वहां हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, टूर्नामेंट में विराट कोहली ने सबसे ज्यादा रन बनाए और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी मिला। विराट की बल्लेबाजी में निरंतरता और अनुभव भारत के लिए आगामी वर्ल्ड कप में अहम साबित हो सकती है। उनका लक्ष्य 2027 में भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाना है, और वह इसके लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं।

टेस्ट क्रिकेट से भर गया था मन

विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से मन भरने की बात काफी चर्चा में रही थी। उनका यह बयान कि "आई एम डन" उनके मानसिक और शारीरिक थकान को दर्शाता था। कोहली ने खुद स्वीकार किया था कि टेस्ट क्रिकेट में लगातार उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने का दबाव बहुत बढ़ गया था, खासकर उस समय जब उन्होंने यह महसूस किया कि वे क्रिकेट के इस फॉर्मेट में आगे खेलने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं।

युवाओं को देना चाहते थे मौका

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का नया चक्र जून में शुरू हो रहा है, जो अगले दो सालों तक चलेगा। इस दौरान टीमों को विभिन्न देशों में टेस्ट सीरीज खेलनी होंगी और अंत में सबसे बेहतर टीम फाइनल में पहुंचेगी। विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी के लिए दो साल तक लगातार टेस्ट क्रिकेट खेलना मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन अवसर है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+