'2011 वर्ल्ड कप जिताने वाले खिलाड़ी अचानक खराब हो गए,' हरभजन ने मारा जोरदार ताना

Harbhajan Singh on World Cup 2011: साल 2011 वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोने की कप्तानी में टीम इंडिया ने जीत दर्ज की थी। भारत की खिताबी जीत दर्ज करने वाली टीम में हरभजन सिंह भी थे। हरभजन सिंह ने निराशा जताई है कि उस टूर्नामेंट के बाद वे खिलाड़ी एक साथ फिर से कभी नहीं खेल पाए।

भारत के लिए खिताबी जीत दर्ज करने वाली प्लेइंग इलेवन फिर कभी एक साथ वनडे मुकाबले में नहीं खेली। 15 सदस्यों में से सिर्फ चार ही खिलाड़ी 2013 की चैम्पियंस ट्रॉफी में खेले थे। अन्य खिलाड़ियों को फिर से एक साथ खेलने का अवसर नहीं मिल पाया।

harbhajan singh

न्यूज 24 से बातचीत में कहा कि मैं नहीं जानता कि टीम फिर से एक साथ क्यों नहीं खेली। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि वह टीम एक बार भी फिर से एक साथ नहीं खेली। यह मेरे लिए भी एक रहस्य है। भज्जी ने कहा कि मेरे लिए यह हैरान करने वाली बात है।

हरभजन सिंह ने कहा कि अगर हम एक साथ आकर एक गेम खेलें, तो यह अच्छी बात होगी। यह अच्छा फन होगा लेकिन दुर्भाग्य है कि टीम फिर से एकत्रित नहीं हुई। टीम एक टूर्नामेंट नहीं खेली, एक मुकाबला भी नहीं खेल पाई। हरभजन ने कहा कि कई मैच विनर खिलाड़ी थे लेकिन उनको साइड में नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि 2011 वर्ल्ड कप तक टीम काफी अच्छी थी। इसके बाद अचानक काफी बदलाव किये गए। जो लोग मैच जीत रहे थे, वे अब अच्छे नहीं थे। कुछ खिलाड़ी ऐसे थे जिनका वह अंतिम वर्ल्ड कप था लेकिन कई खिलाड़ी ऐसे भी थे जो और खेल सकते थे। हमारी उम्र ज्यादा थी लेकिन खेल सकते थे।

गौरतलब है कि महेंद्र सिंह धोनी कप्तानी में टीम इंडिया ने श्रीलंका को मुंबई में हराया था। धोनी और गौतम गंभीर ने मिलकर अपनी धाकड़ बैटिंग से जीत दिलाई। भारतीय टीम का वनडे में यह दूसरा वर्ल्ड कप था। इसके बाद टीम इंडिया को वर्ल्ड कप में जीत दर्ज करने का मौका नहीं मिला।

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