एक संघर्ष कर रहा, दूसरे में निरंतरता नहीं, तीसरे में जंग लग गया, जाफर ने बताई टीम इंडिया की समस्या
नई दिल्ली, 19 जुलाई: भारतीय टीम ने रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे श्रृंखला 2-1 से जीत ली। रोहित शर्मा की टीम ने तीसरे और श्रंखला के निर्णायक मुकाबले में इंग्लैंड को 5 विकेट से मात दी और ओल्ड ट्रैफर्ड की यह विजय भारत के वनडे इतिहास में याद भी रहेगी क्योंकि 260 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत एक समय 4 विकेट खोकर 72 रन पर संघर्ष कर रहा था। टॉप आर्डर एक बार फिर धराशाई हो गया था लेकिन हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत ने दो ऐसी पारियां खेली जिन्होंने टीम इंडिया को टॉप गियर में पहुंचा दिया।

टॉप ऑर्डर लगातार फेल हो रहा है
हार्दिक ने तो तेज 71 रन बनाए और ऋषभ पंत ने अविश्वसनीय ढंग से 125 रनों की नाबाद पारी खेली। ऋषभ पंत बहुत तेजी से एक ऐसे सुपर सितारे के तौर पर उभरते जा रही हैं जो इतनी कम उम्र में अविश्वसनीय पारियां खेलकर लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने के लिए मजबूर करते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि भारतीय टीम की समस्याओं को हम दरकिनार कर सकते हैं क्योंकि टॉप ऑर्डर लगातार फेल हो रहा है।

विराट कोहली का पतन क्रमिक है
रोहित शर्मा और विराट कोहली की खराब फॉर्म किसी से छुपी नहीं है। रोहित से फिर भी उम्मीद है कि वे देर सवेर अपनी पुरानी फॉर्म को हासिल कर लेंगे लेकिन यह विराट कोहली है जो वाकई में भय का माहौल पैदा करते हैं क्योंकि वे लंबे समय से रनों के लिए तरस रहे हैं। इससे पहले वे केवल शतकों के लिए तरसा करते थे। विराट कोहली का पतन क्रमिक है। पहले तो उन्होंने थोक में शतक बनाए, फिर उनकी संख्या तुलनात्मक रूप से कम होने लगी, फिर बिल्कुल ही बंद हो गई और फिर अच्छे से रन आने भी बंद हो गए।

आत्ममंथन का समय
यह विराट कोहली के लिए आत्ममंथन का समय है जहां वे अपने परिवार के साथ मिल बैठकर अपने भविष्य पर कोई फैसला लें। दूसरी और रोहित शर्मा हैं जो तीनों फॉर्मेट में सक्रिय होने के चलते पहले ही काफी वर्क लोड ले चुके हैं क्योंकि वह सभी प्रारूप में कप्तान भी हैं। बेन स्टोक्स ने 31 साल की उम्र में वनडे से सन्यास ले कर यह साबित कर दिया है कि आज की तारीख में सभी प्रकार का क्रिकेट खेलना किसी एक खिलाड़ी के बूते की बात नहीं है, खासकर तब जब वह कप्तान भी हो या एक ऑलराउंडर हो।

टॉप ऑर्डर काफी योगदान करता था
एक और खिलाड़ी हैं शिखर धवन जो परिदृश्य से लगभग गायब हो चुके हैं लेकिन अब उनको वनडे क्रिकेट में चलाया जा रहा है। उनमें पहले जैसी नहीं है और तीसरे मैच में रोहित कोहली ने मिलकर केवल 25 रनों का योगदान दिया। वसीम जाफर ने इसके बारे में बात की है जहां वे ईएसपीएनक्रिकइंफो पर कहते हैं, भारतीय टीम अच्छा करती है तो टॉप ऑर्डर काफी योगदान कर रहा होता है, लेकिन पिछले दो वनडे मुकाबलों में ऐसा नहीं हुआ। यह एक ऐसी बात है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।

जाफर ने यहां पर भारतीय टॉप बॉर्डर की समस्याएं बताई
निश्चित तौर पर हम जानते हैं कि इस समय विराट कोहली संघर्ष कर रहे हैं शिखर धवन में भी जंग लगा दिख रहा है, रोहित शर्मा के अंदर वैसी निरंतरता नहीं है जिसकी उम्मीद हम उनसे करते हैं।
वसीम जाफर ने यहां पर भारतीय टॉप बॉर्डर की समस्याएं बता दी है। रोहित शर्मा के पास कप्तान बनने के बाद तीनों प्रारूपों में उस तरह की कंसिस्टेंसी नहीं है क्योंकि यह शायद प्रैक्टिकल तौर पर संभव ही नहीं है कि कोई इंसान इतना ज्यादा क्रिकेट खेलने के बावजूद अपने टॉप प्रदर्शन को लगातार बनाए रखें। शिखर धवन को एक तरीके से जंग लगा हुआ खिलाड़ी बताया है जिनके पास उम्र बढ़ने के साथ-साथ पुराने रिफ्लेक्स है ही नहीं। विराट कोहली तो जग जाहिर तौर पर जैसे रन ना बनाने का सर्टिफिकेट लेकर घूम रहे हैं।

हार्दिक पांड्या खोल सकते हैं नए विकल्प
हालांकि जाफर यह भी कहते हैं कि भले ही टॉप आर्डर का फेलियर चिंता की बात है लेकिन अगर नंबर 5, 6 और 7 के खिलाड़ी इस तरीके से प्रदर्शन करते हैं तो मुझे लगता है रोहित शर्मा बहुत ज्यादा खुश होंगे। नंबर 8 की स्थिति कुछ ऐसी है कि भारत को थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। शार्दुल ठाकुर को आना चाहिए या फिर दीपक चाहर होना चाहिए, यह दो खिलाड़ी भारत की नजर में है। हार्दिक ऐसी बोलिंग करते रहेंगे तो यह भारत को एक ऐसा अवसर देगी कि वह नंबर आठ पर भी एक और आलराउंडर को खिला सके।












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