टीम इंडिया के इस धांसू खिलाड़ी ने रणजी ट्रॉफी के बीच किया संन्यास का ऐलान, ये मैच होगा आखिरी
भारतीय तेज गेंदबाज वरुण आरोन (Varun Aaron) ने घोषणा की है कि वह रेड-बॉल क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं। आरोन रणजी ट्रॉफी 2023-24 सीजन के बाद रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कह देंगे, जिसका मतलब है कि झारखंड और राजस्थान के बीच जमशेदपुर में चल रहा रणजी ट्रॉफी 2024 मैच उनके करियर का अंतिम प्रथम श्रेणी मैच होगा।
आरोन ने 2008 में एफसी में डेब्यू किया और अब तक 65 मैचों में 33.74 के औसत से 168 विकेट लिए हैं, जिसमें छह बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी शामिल है।

2011 में टेस्ट क्रिकेट में किया डेब्यू
तेज गति से लगातार गेंदबाजी करने की अपनी क्षमता के कारण प्रसिद्धि पाने के बाद 34 वर्षीय खिलाड़ी ने नवंबर 2011 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया। हालांकि, वह 2011 और 2015 के बीच केवल आठ टेस्ट ही खेल पाए, जिसमें उन्होंने 52.61 की औसत से 18 विकेट लिए।
'मैंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया है'
अरोन ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो को बताया कि, 'मैं 2008 से लाल गेंद से क्रिकेट खेल रहा हूं। चूंकि मैंने तेज गेंदबाजी की, इसलिए मुझे कई चोटें लगीं। अब मैं समझ गया हूं कि मेरा शरीर मुझे लाल गेंद वाले क्रिकेट में तेज गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति नहीं देगा, इसलिए मैंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया है।'
Varun Aaron has announced his retirement from First Class cricket. pic.twitter.com/NGYIAzr9p0
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) February 16, 2024
उन्होंने कहा कि, 'यह मेरे परिवार और जमशेदपुर के लोगों के सामने मेरा आखिरी मैच हो सकता है, क्योंकि हम अक्सर यहां (कीनन स्टेडियम) सफेद गेंद वाले खेल नहीं खेलते हैं। मैंने अपना करियर यहीं से शुरू किया था, इसलिए यह मेरे लिए काफी भावनात्मक है।' अरोन का करियर विभिन्न चोटों के कारण बाधित हुआ जिसके कारण उन्हें किनारे होना पड़ा।
34 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि, 'गेंदबाज़ी करते समय गति मेरी पसंदीदा चीज है। जब भी मैं गेंदबाजी करता हूं तो मेरा एकमात्र ध्यान जितना हो सके उतनी तेज गेंदबाजी करने पर होता है। लेकिन आपको अपने शरीर को भी समझने की जरूरत है।'
उन्होंने कहा कि, 'मैं एमआरएफ में 'पेस बॉलर टैलेंट हंट' नामक प्रोजेक्ट का हिस्सा हूं। हम भारत भर के युवा तेज गेंदबाजों के साथ काम करेंगे। इसमें लगभग 1500 गेंदबाजों ने हिस्सा लिया है। हम प्रतिभा की तलाश में देश भर में यात्रा कर रहे हैं और आगे के प्रशिक्षण के लिए 20 लड़कों को चुना जाएगा। मैं एमआरएफ के उच्च-प्रदर्शन केंद्र में भी काम कर रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि इन कार्यक्रमों से भारत को अगला तेज गेंदबाज मिल सकेगा।'












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