Vaibhav Suryavanshi Caste: क्या है वैभव सूर्यवंशी की जाति? जाट, राजपूत या ब्राह्मण?
Vaibhav Suryavanshi Caste: भारत और आयरलैंड के बीच शुक्रवार को बेलफास्ट में होने वाले पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक बड़ा कीर्तिमान टूटने की कगार पर है। महज 15 वर्ष की उम्र में सीनियर राष्ट्रीय टीम के स्क्वॉड में शामिल हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को अगर आज प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है, तो वे एक साथ कई ऐसे ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लेंगे, जहां तक देश के दिग्गज बल्लेबाज भी नहीं पहुंच सके थे।
टूट सकता है सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड
वैभव पुरुष क्रिकेट में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ देंगे। सचिन ने साल 1989 में 16 साल और 205 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। मौजूदा समय में भारत के लिए (पुरुष और महिला दोनों वर्गों में) सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने का गौरव महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा के नाम दर्ज है, जिन्होंने 15 साल की उम्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वैभव आज मैदान पर उतरते ही उनसे भी कम दिनों की उम्र में यह ओवरऑल कीर्तिमान अपने नाम कर लेंगे।
वैभव के लगातार तूफानी प्रदर्शन के बाद उनकी जाति और उनके परिवार को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। वहां से उनके फैन्स में भी काफी ज्यादा वृद्धि हो गई।

Vaibhav Suryavanshi Caste
वैभव सूर्यवंशी बिहार के एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वैभव 'सूर्यवंशी' उपनाम का उपयोग करते हैं, जो आमतौर पर राजपूत (क्षत्रिय) समुदाय के अंतर्गत आता है। हालांकि, वैभव और उनके परिवार ने हमेशा अपनी पहचान एक 'खिलाड़ी' के तौर पर पेश की है।
उनके पिता संजीव सूर्यवंशी खुद क्रिकेट के बड़े शौकीन रहे हैं, उनका मानना है कि मैदान पर खिलाड़ी का 'बल्ला' ही उसकी सबसे बड़ी जाति और पहचान होता है।
Vaibhav Suryavanshi का सपोर्ट पिता ने किया
वैभव का जन्म बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड में हुआ। उनके पिता ने उनकी प्रतिभा को बहुत कम उम्र में ही पहचान लिया था। उन्होंने अपने घर के पीछे ही वैभव के लिए नेट प्रैक्टिस का इंतजाम किया। वैभव की सफलता ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या खास समुदाय की मोहताज नहीं होती।
वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया में जल्दी ही दिखाई देंगे। 15 साल की उम्र पार करते ही वह इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलने की योग्यता हासिल कर लेंगे। अभी वह 15 साल की उम्र से थोड़ा पीछे हैं। हालांकि उनका बल्ला जमकर तबाही मचाती है। टीम इंडिया में जगह बनाने के बाद वैभव सूर्यवंशी काफी समय तक खेल सकते हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में भी उनके बल्ले का जादू देखने को मिला है, इस बार फिर से आईपीएल में वह राजस्थान रॉयल्स के लिए ही खेलते हुए नज़र आने वाले हैं। सूर्यवंशी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और जल्दी ही उनको टीम इंडिया में खेलते हुए देखा जा सकेगा, क्रिकेट पंडितों का भी यही मानना है।












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