T-20 World Cup : भारत के अब तक 3 सेमीफाइनल में 2 जीत और 1 हार, चौथे में क्या होगा ?

India vs England, 2nd Semi-Final: अब तक टी-20 विश्वकप की 8 प्रतियोगिताओं में से भारत चार बार सेमीफाइनल में पहुंचा है। चौथी बार उसका मुकाबला गुरुवार को इंग्लैंड से एडिलेड में है।

India vs England, 2nd Semi-Final: अब तक टी-20 विश्वकप की 8 प्रतियोगिताओं में से भारत चार बार सेमीफाइनल में पहुंचा है। चौथी बार उसका मुकाबला गुरुवार को इंग्लैंड से एडिलेड में है। इसके पहले के तीन सेमीफाइनल भारत 2 में जीता था और एक में हारा था। 2007 के पहले विश्वकप में भारत सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हरा कर फाइनल में पहुंचा था। फाइनल में पाकिस्तान को हरा कर भारत विश्व चैम्पियन बना था। 2014 के विश्वकप में भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराया था। लेकिन फाइनल में वह श्रीलंका से हार गया था। 2016 के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया था। यह प्रतियोगिता भारत में खेली गयी थी। आज तक विश्वकप आयोजित करने वाला कोई देश विश्वकप नहीं जीत सका है। लेकिन 2016 में भारत के पास इतिहास रचने का मौका था। सेमीफाइनल में भारत ने 2 विकेट पर 192 रन का एक बड़ा स्कोर बनाया था। लेकिन वेस्टइंडीज के लेंडल सिमंस और आंद्रे रसेल की तूफानी बैटिंग ने भारत की उम्मीदों को जमींदोज कर दिया था।

192 रन बना कर हारना हैरान करने वाला था

192 रन बना कर हारना हैरान करने वाला था

2016 की टी-20 विश्वकप प्रतियोगिता भारत में हुई थी। भारत को अपने घरेलू मैदान मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में सेमीफाइनल खेलना था। भारत ने पहले बैटिंग कर अच्छी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। रोहित शर्मा और अंजिक्य रहाणे की सलामी जोड़ी ने पावर प्ले में बिना किसी नुकसान के 55 रन बनाये। पहला विकेट 62 पर गिरा। रोहित 31 गेंदों में 43 रन बना कर सैमुअल बद्री का शिकार बने। रहाणे ने 40 रन बनाये। इस मैच में विराट कोहली ने लाजवाब पारी खेली थी। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए उन्होंने 47 गेंदों में नाबाद 89 रन बनाये थे। भारत ने 20 ओवरों में दो विकेट के नुकसान पर 192 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था। भारतीय समर्थक जीत की आशा लगाये बैठे थे। लेकिन लेंडल सिमंस और आंद्रे रसेल के तूफान में भारत की आशा सूखे पत्ते की तरह उड़ गयी।

चार्ल्स और सिमंस ने ढहती पारी को संभाला

चार्ल्स और सिमंस ने ढहती पारी को संभाला

भारत ने शुरू में अच्छी गेंदबाजी की। बुमराह ने क्रिस गेल को केवल 5 रनों पर बोल्ड कर वेस्टइंडीज को बहुत बड़ा झटका दिया। इसके बाद नेहरा ने मर्लिन सैमुअल्स का विकेट चटकाया। वेस्टइंडीज का स्कोर 2 विकेट पर 19 रन हो गया। लेकिन इसके बाद जॉन्सन चार्ल्स और लिंडल सिमंस की विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच को वेस्टइंडीज की तरफ मोड़ दिया।13 ओवर की समाप्ति पर वेस्टइंडीज का स्कोर 2 विकेट पर 116 रन था। चार्ल्स और सिमंस के बीच 97 रनों की साझेदारी हो चुकी थी। तब धोनी ने एक जुआ खेला। विराट कोहली को 14वां ओवर डालने लिए गेंद थमा दी। कोहली ने पहली ही गेंद पर चार्ल्स का विकेट लेकर धोनी के दांव को सफल कर दिया। कोहली इस ओवर में सिर्फ 4 रन दिये और एक विकेट भी लिया। 14 ओवर की समाप्ति के बाद वेस्टइंडीज का स्कोर था तीन विकेट पर 120 रन। अब जीत के लिए उसे 6 ओवरों में 73 रन बनाने थे। 12.16 की औसत से रन बनाना आसान नहीं था।

अच्छी शुरुआत के बाद बिखर गयी गेंदबाजी

अच्छी शुरुआत के बाद बिखर गयी गेंदबाजी

2016 में आशीष नेहरा और जसप्रीत बुमराह को डेथ ओवरों का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज माना जाता था। इस बात को उन्होंने अपने प्रदर्शनों से साबित भी किया था। लेकिन उस दिन गलत फैसलों और बदकिस्मती से ये दोनों बेअसर रहे। हालांकि उनकी शुरुआत शानदार रही। लेकिन बाद में सब बिगड़ गया। चार्ल्स के आउट होने के बाद आंद्रे रसेल सिमंस का साथ निभाने मैदान पर उतरे थे। एक सेर तो दूसरा सवा सेर। सिमंस और रसेल ने हार्दिक के 15वें ओवर में दो छक्के और एक चौके के सहारे 18 रन बटोरे। धोनी ने वेस्टइंडीज पर अंकुश लगाने के लिए आशीष नेहरा के तीन ओवर पावर प्ले में ही करा लिये थे। उन्होंने 3 ओवरोंमें 15 रन देकर एक विकेट लिया था। पहले 6 ओवरों में तीन नेहरा से कराने का फैसला गलत साबित हुआ।

डेथ ओवरों के कैलकुलेशन में धोनी की गलती

डेथ ओवरों के कैलकुलेशन में धोनी की गलती

डेथ ओवरों में जब सिमंस और रसेल धुनाई कर रहे थे तब भारत के पास गेंदबाजी विकल्प बहुत कम थे। 17वां ओवर नेहरा ने फेंका। इसमें 10 रन बने। अब वेस्टइंडीज को 18 गेंदों में 32 रन बनाने थे। बुमराह का 18वां ओवर महंगा रहा। इसमें 12 रन बने। वेस्टइंडीज को जीत के लिए दो ओवर में 20 रन चाहिए थे। नेहरा का कोटा खत्म होने के चलते 19वां ओवर रवींद्र जडेजा ने डाला। यहीं भारत मार खा गया। जडेजा के इस ओवर में 12 रन बने। अब अंतिम ओवर में 8 रन चाहिए थे। धोनी ने 20वें ओवर के लिए कोहली को बुलाया। धोनी का यह फैसला भी गलत साबित हुआ। रसेल ने तीसरी गेंद पर चौका और चोथी गेंद पर छक्का मार कर वेस्टइंडीज को यह मैच 7 विकेट से जीता दिया। रसेल ने 20 गेंदों में 43 और सिमंस ने 51 गेंदों में 82 रन बनाये और दोनों नाबाद रहे।

चार बार सेमीफाइनल से बाहर

चार बार सेमीफाइनल से बाहर

2009, 2010 के विश्वकप में भारत सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सका था। 2012 की प्रतियोगिता में भारत ने पाकिस्तान को तो हराया था लेकिन वह सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सका था। अपने ग्रुप में भारत और पाकिस्तान दोनों के 4-4 अंक थे। लेकिन दूसरे स्थान का फैसला रन रेट के आधार पर हुआ जिसमें पाकिस्तान बाजी मार गया। इस तरह भारत से हारने के बावजूद पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंच गया। रनरेट कम होने से भारत अंतिम चार में नहीं पहुंच पाया। 2021 की प्रतियोगिता में भारत पहला ही मैच पाकिस्तान से हार गया था। न्यूजीलैंड के खिलाफ भी वह मैच गंवा बैठा। भारत 5 में से दो मैच हार गया था। केवल 6 अंक थे। जब कि पाकिस्तान सभी मैच जीत कर ग्रुप में टॉप पर रहा। न्यूजीलैंड 8 अंक लेकर दूसरे स्थान पर था। भारत तीसरे स्थान पर रहा और वह सेमीफाइन की दौड़ से बाहर हो गया था।

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