स्टीफन फ्लेमिंग और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच 18 साल का संबंध टूटा, हेड कोच ने चुना अलग रास्ता
Stephen Fleming: चेन्नई सुपर किंग्स के खेमे से एक बड़ी खबर सामने आई है। हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग अब टीम से अलग हो गए हैं। साल 2008 में वह इस टीम के साथ बतौर खिलाड़ी जुड़े थे, इसके बाद से वह लगातार टीम के साथ रहे हैं। खेल के बाद कोचिंग में आकर वह हेड कोच बन गए।
महेंद्र सिंह धोनी के साथ फ्लेमिंग की अच्छी दोस्ती है। टीम ने उनके रहते हुए पांच टाइटल जीतकर सफलता देखी है। चेन्नई सुपर किंग्स ने 12 बार प्लेऑफ़ तक का सफर तय किया था। इसके अलावा 10 बार आईपीएल फाइनल में जगह बनाई। इस तरह टीम में निरंतरता बरकरार रही।

चेन्नई सुपर किंग्स ने अपना पिछला टाइटल 2023 में जीता था। हालांकि पिछले दो सालों से चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। टीम में बदलाव भी हुए हैं। शायद अगले सीजन में महेंद्र सिंह धोनी भी खेलते हुए नजर नहीं आएंगे।
साउथ अफ्रीका और मेजर लीग क्रिकेट में भी फ्लेमिंग ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बतौर कोच काम किया है। मेजर लीग क्रिकेट में टीम ने तीन बार प्लेऑफ़ तक का सफर तय किया है। हालांकि फाइनल में खेलने का मौका नहीं मिला। इस सीजन टीम प्लेऑफ़ में नहीं पहुंच पाई। फ्लेमिंग का कोच के रूप में यह अंतिम कार्यकाल था।
फ्लेमिंग के फैसले को लेकर चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक रूपा गोपीनाथ ने कहा कि वह कोचिंग यूनिट की धड़कन रहे हैं। तकरीबन दो दशकों तक उन्होंने हमारे विजन को उत्कृष्टता से हासिल करने और आकार देने में अपना अहम रोल निभाया है।
टीम के डायरेक्टर काशी विश्वनाथ ने फ्लेमिंग के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने खेलने की स्टाइल हे नहीं बल्कि टीम के रूप में हमारी पहचान को भी तय किया था। उन्होंने टीम को हमेशा ऊपर रखने और विनम्रता की संस्कृति विकसित करके रखी थी, जो उनकी बड़ी खूबियों में से एक है।












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