7 महीने में 7 नए कप्तान! सौरव गांगुली ने बताया कि आखिर क्यों बदलने पड़ रहे हैं कप्तान
नई दिल्ली, जुलाई 09। विराट कोहली ने जब से टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ी है, तब से भारत को नियमित कप्तान नहीं मिल पा रहा है। या यूं कहे के बीसीसीआई चयनकर्ता रोहित शर्मा के अलावा कप्तानी में अभी एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। दरअसल, हाल ही में वेस्टइंडीज टूर के लिए टीम की घोषणा की गई थी। इस टीम का कप्तान शिखर धवन को बनाया गया है। रोहित के अलावा चयनकर्ताओं ने अभी तक ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत और अब शिखर धवन को भी टीम का कप्तान बनाया है। पिछले 7 महीने के अंदर भारतीय टीम को 7 नए कप्तान मिले हैं। ऐसे में बीसीसीआई सवालों के घेरे में है।

परिस्थितियों की वजह से बदलने पड़े कप्तान- गांगुली
लगातार कप्तान बदले जाने को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने दिया है। अपने जन्मदिन के मौके पर दादा ने एक इंटरव्यू में कहा है कि पिछले 7 महीने में 7 कप्तान बदले जाना सही तो नहीं है, लेकिन हम ऐसा कुछ अपरिहार्य कारणों की वजह से कर रहे हैं। गांगुली ने माना है कि कुछ परिस्थितियां ऐसी हो रही हैं कि हमें कप्तानी में परीक्षण करने पड़े।
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किन-किन मौकों पर बदले कप्तान
गांगुली ने बताया है कि दक्षिण अफ्रीके के खिलाफ पहले रोहित शर्मा कप्तानी करने वाले थे, लेकिन वो सीरीज से पहले ही चोटिल हो गए थे, फिर हमने केएल राहुल को कप्तान बनाया था, लेकिन वो सीरीज शुरू होने से एक दिन पहले चोटिल हो गए थे, इसलिए हमने ऋषभ पंत को कप्तान बनाया था। वहीं इंग्लैंड में रोहित शर्मा कोरोना संक्रमित हुए, इसलिए टेस्ट में बुमराह को कप्तान बनाना पड़ा।
'बिजी शेड्यूल की वजह से खिलाड़ियों का आराम भी देना होता है'
गांगुली ने कहा है कि टीम इंडिया का कैलेंडर ही इसी तरह का है कि हमें खिलाड़ियों को ब्रेक भी देना होता है और ऐसे में अगर किसी खिलाड़ी को चोट लग जाती है तो हमें वर्कलोड मैनेजमेंट को भी देखना होता है, इस वजह से कोच के लिए भी थोड़ी मुश्किलें हो जाती हैं। गांगुली ने कहा है कि मेरा यह मानना है कि पूरे इंटरनेशनल करियर में जो खिलाड़ी जितना ज्यादा क्रिकेट खेलेगा वो उतना अधिक फिट रहेगा। अधिक से अधिक मैच खेलने से आपका शरीर मजबूत रहता है।












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