2023 वर्ल्ड कप के कॉम्पिटिशन के सवाल पर बोले श्रेयस अय्यर, 'खिलाड़ी तो आते-जाते रहेंगे...'
टी20 वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद से अब अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां सभी टीमों ने शुरू कर दी हैं। टीम इंडिया की भी न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से 2023 विश्व कप की तैयारी शुरू हो गई है। भारत के लिए 2023 का विश्व बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि भारत खुद विश्व कप की मेजबानी करेगा। 2011 के बाद यह पहला मौका होगा, जब वनडे विश्व कप की मेजबानी भारत को मिली है। ऐसे में अगले 12 महीने 2023 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम को तैयार करने वाले रहेंगे।

वनडे विश्व कप के लिए श्रेयस अय्यर हैं प्रमुख दावेदार
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2023 विश्व कप के मद्देनजर भारतीय टीम में इस वक्त गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में कड़ी प्रतिस्पर्धा नजर आ रही है। सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा इस वक्त मिडिल ऑर्डर में है, जिसके एक दावेदार श्रेयस अय्यर भी हैं। श्रेयस अय्यर ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 80 रन की पारी खेलकर यह साबित कर दिया कि वो वनडे के स्पेशलिस्ट खिलाड़ी हैं। टी20 विश्व कप की टीम में जगह बनाने में असफल रहे श्रेयस अय्यर वनडे वर्ल्ड कप की टीम में जगह पाने के प्रमुख दावेदार हैं, लेकिन टीम में उनकी जगह को फिट कर पाना अभी काफी मुश्किल नजर आ रहा है।
श्रेयस की प्रतिस्पर्धा इन खिलाड़ियों से है
साल 2022 में श्रेयस अय्यर ने वनडे फॉर्मेट में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। 2022 में उन्होंने 12 वनडे मैचों में 62.58 की औसत से कुल 566 रन बनाए हैं। इस शानदार फॉर्म के बावजूद उन्हें 15 सदस्यीय टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि तीन नंबर पर विराट कोहली का चयन एकदम कंफर्म है। रोहित के साथ अगर शिखर धवन ओपनर होते हैं तो केएल राहुल, दीपक हुड्डा, सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन और ऋषभ पंत मिडिल ऑर्डर के स्लॉट के लिए दावेदार हैं।
प्रतिस्पर्धा को लेकर क्या कहना है ऋषभ का?
इस प्रतिस्पर्धा को लेकर श्रेयस अय्यर का कहना है कि वो केवल अपने कंट्रोल की चीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और एक स्थान पाने के लिए अपनी लड़ाई के बारे में उन्होंने कहा कि खिलाड़ी आएंगे और जाएंगे उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि बाहर क्या बात की जा रही है। अय्यर का कहना है, "मेरा दृष्टिकोण हमेशा आशावादी होता है। मुझे भविष्य के बारे में बहुत अधिक सोचना पसंद नहीं है। मैं इस बात पर ध्यान केंद्रित करता हूं कि मेरे हाथ में क्या है जो प्रशिक्षण है और बैक टू बैक खेल हो रहे हैं, मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मेरा फिटनेस स्तर बहुत अच्छा हो।"
श्रेयस ने आगे कहा है,"खिलाड़ी तो आते जाते रहेंगे, निरंतरता मायने रखती है। तो अब यही मेरी मानसिकता है और अच्छा बुरा तो होता रहेगा।












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