'टेस्ट और व्हाइट बॉल क्रिकेट के लिए बनें अलग-अलग टीमे', पूर्व कोच और कप्तान अनिल कुंबले का बयान
टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में शर्मनाक हार के बाद से भारतीय क्रिकेट टीम में बड़े बदलाव की मांग लगातार हो रही है। कई पूर्व क्रिकेटरों ने कोच और कप्तान को बदलने की मांग उठाई है, लेकिन इस बीच भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और कोच अनिल कुंबले ने भी अपना सुझाव भारतीय क्रिकेट के लिए दिया है। अनिल कुंबले का मानना है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए सीमित ओवर और टेस्ट फॉर्मेट के लिए अलग-अलग टीमें होनी चाहिए। कुंबले ने कहा है कि वनडे और टी20 फॉर्मेट के लिए अलग और टेस्ट फॉर्मेट के लिए अलग भारतीय टीम तैयार करनी चाहिए।

व्हाइट और रेड बॉल क्रिकेट के लिए हो अलग-अलग टीम- कुंबले
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल कुंबले ने एक इंटरव्यू में कहा है कि निश्चित तौर पर वनडे और टी20 में इंग्लैंड ने जिस तरह सफलता हासिल की है, उसे देखते हुए अब व्हाइट बॉल क्रिकेट और रेड बॉल क्रिकेट के लिए अलग-अलग टीमों की जरूरत पड़ने लगी है। कुंबले ने कहा है कि आप इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम पर गौर करेंगे तो पता चलेगा कि 7 और 8 नंबर तक बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी टीम में उपलब्ध हैं। इंग्लैंड ने ही यह दिखाया है कि अब अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग टीम और अलग कोच होना चाहिए।
लिविंगस्टोन और स्टॉयनिस जैसे खिलाड़ी हों टीम में- कुंबले
अनिल कुंबले ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को दिए इंटरव्यू में कहा है, "इंग्लैंड ने विश्व चैंपियन बनकर यह दिखा दिया है कि टी20 क्रिकेट में आपको बहुत सारे ऑलराउंडर्स पर निवेश करने की जरूरत है। आज हम इंग्लैंड की टीम में लियम लिविंगस्टोन को देख सकते हैं, जो सात नंबर पर भी धाकड़ बल्लेबाजी कर सकते हैं, किसी दूसरी टीम में सातवें नंबर बल्लेबाजी करने वाला ऐसा कोई खिलाड़ी होगा। इंग्लैंड की तरह ऑस्ट्रेलिया की टीम में भी 6वें नंबर पर स्टॉयनिस बल्लेबाजी करते हैं, आज हमें ऐसी ही तैयारी की जरूरत है।
टॉम मूडी ने भी कही यह बात
अनिल कुंबले के इत्तर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर टॉम मूडी ने भी इस बात पर जोर दिया है कि अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग-अलग टीम होनी चाहिए। मूडी ने कहा है कि यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सी टीम चुनने जा रहे हैं और फिर चुनें कि आप कैसे समर्थन और उसके आसपास नेतृत्व का निर्माण करना चाहते हैं। टॉम मूडी ने कहा है कि अलग-अलग कोच के सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय टीमें गंभीरता से विचार करें, मुझे लगता है कि इस बात में कोई संदेह नहीं है, क्योंकि इंग्लैंड के पास ब्रैंडन मैकुलम हैं और टेस्ट फॉर्मेट में उनके पास मैथ्यू मोट हैं।












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