IND vs WI : अंपायर को हर बार रोहित ने किया गलत, 2 मैचों में पेश किया ये सबूत
नई दिल्ली। रोहित शर्मा को जब सीमित ओवरों का कप्तान घोषित किया गया तो कई तरह के सवाल कईयों के मन में थे। उनमें से एक था कि क्या बढ़ती उम्र के हिसाब से रोहित 2-3 साल तक कप्तानी कर सकते हैं? क्या वह फिट रह सकते हैं? फिलहाल रोहित को बाहरी चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता। वह जिम्मेदारी अच्छे से निभा रहे हैं जिसका सबूत विंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज के शुरूआती दो मैचों में मिल गए।

रोहित ने पहले मैच में 60 रनों की शानदार पारी खेली थी। हालांकि दूसरे मैच में वह 5 रन बना सके थे। लेकिन इन मैचों में रोहित की कमाल की कप्तानी भी देखने को मिली। दूसरे मैच में भारत ने 237 रन ही बनाए थे, लेकिन रोहित की रणनीति के सामने विंडीज के लिए छोटा लक्ष्य भी बड़ा साबित हो गया। दोनों मैचों में रोहित शर्मा ने कोई गलत फैसला नहीं लिया है। उन्होंने दो मैचों में चार बार डीआरएस की मांग की है और सभी माैकों पर अंपायरों को गलत साबित कर दिया है। दूसरे वनडे में अंपायर ने डैरेन ब्रावो को नाॅट आउट घोषित किया, लेकिन रोहित शर्मा ने डीआरएस की मांग की और अंपायरों को अपना फैसला बदलने के लिए मजबूर कर दिया।
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हुआ ऐसा कि जब विंडीज बल्लेबाजी कर रहा था तभी 10वां ओवर करने के लिए मशहूर कृष्णा आए थे। ओवर की पहली गेंद डैरेन ब्रावो के बल्ले से लगी और विकेटकीपर ऋषभ पंत के पास गई। इसके बाद पूरी भारतीय टीम ने कैच आउट की जोरदार अपील की, लेकिन मैदानी अंपायर पर कोई असर नहीं पड़ा। उसके बाद रोहित शर्मा ने डीआरएस की मांग की। डीआरएस से साफ दिख रहा था कि गेंद ने ब्रावो के बल्ले का किनारा लिया है और गेंद ऋषभ पंत के हाथ में गई थी। फिर अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और एक बार फिर रोहित शर्मा का डीआरएस लेने का फैसला सही साबित हो गया। वहीं मैच की बात करें तो भारतीय टीम ने पहली पारी में 237 रन बनाए थे। इन रनों का पीछा करने उतरी विंडीज सिर्फ 193 रन ही बना पाई। भारतीय टीम ने यह मैच 44 रन से जीतकर सीरीज में 2-0 की अजय बढ़त बना ली।












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