Pahalgam Attack: पहलगाम हमले को लेकर आई रोहित-कोहली की प्रतिक्रिया, सरकार से की बड़ी मांग
Pahalgam Attack: जम्मू एंड कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की हत्या कर दी गई, इनमें से 27 पर्यटक थे और एक वहां लोकल था, जो रोजी-रोटी के लिए घोड़ा चलाने का काम करता था। इसके बाद देश में विरोध के स्वर तेज हैं। लोग अपने-अपने तरीके से आतंकवाद को खत्म करने की मांग कर रहे हैं और इस कड़ी में सेलेब्रिटीज भी जुड़ रहे हैं।
इस बीच क्रिकेट जगत के दो भारतीय स्टार विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और इस घटना पर दुःख जताया है। कोहली और रोहित दोनों ने ही इन्स्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए इस हमले के विरोध में अपना गुस्सा प्रकट किया।

कोहली और रोहित के रिएक्शन
कोहली ने अपने इन्स्टाग्राम पर स्टोरी पोस्ट कर लिखा कि निर्दोष लोगों पर पहलगाम में जघन्य हमले से दुखी हूँ। पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना। उन सभी के परिवारों के लिए शांति और ताकत के लिए प्रार्थना करता हूँ जिन्होंने परिवार के सदस्यों को खोया, इस क्रूर कृत्य के लिए न्याय मिलना चाहिए।
उधर रोहित शर्मा ने अपनी स्टोरी में टूटा हुआ दिल लगाया है। उन्होंने हमले में मारे गए लोगों के लिए दुःख जताया है। उधर सुरेश रैना, शिखर धवन जैसे स्टार्स ने भी इस हमले को कायरतापूर्ण बताया और मरने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई।
टूट गए शिखर धवन
शिखर धवन ने लम्बा पोस्ट लिखा. उन्होंने लिखा कि मैं पहलगाम के क्रूर हमले से दिल के अंदर तक टूट गया हूँ. मुझे उन सभी परिवारों के लिए दर्द हो रहा है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। मैं जीवन के लिए अभी भी लड़ रहे लोगों की जल्दी रिकवरी की कामना करता हूँ।
उन्होंने आगे लिखा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त और अटूट कार्रवाई करेगी कि जिम्मेदार लोगों को न्याय में लाया जाए, और यह बुराई मिट जाएगी। हमें इस तरह की नफरत के सामने एकजुट होना चाहिए, पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होना चाहिए। मैं इस त्रासदी से प्रभावित हर व्यक्ति और परिवार के साथ पूरी एकजुटता में खड़ा हूं। शक्ति, शांति और न्याय अंततः इस अंधेरे पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।
सुरेश रैना को भी आया गुस्सा
कायरता, अमानवीय, शर्मनाक। पहलगाम में हमला केवल जीवन पर हमला नहीं है, बल्कि हमारे राष्ट्र की भावना पर है। हम आतंक के खिलाफ एकजुट खड़े हैं। न्याय तेज, मजबूत और बिना समझौते वाला होना चाहिए।












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