'रवि भाई ने देख लिया था ये लड़का हमें विदेशों में जिताएगा', आज बहुत बड़ा स्टार है ये खिलाड़ी
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर: भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री को प्रतिभा पहचानने वाला इंसान माना जाता है। वे खिलाड़ियों का मेन मैनेजमेंट करने में ज्यादा यकीन करते थे। रवि शास्त्री के समय में फील्डिंग कोच आर श्रीधर हुआ करते थे और इस जोड़ी ने मिलकर भारत को बहुत कामयाबी दिलाई है। रवि शास्त्री ने आर श्रीधर को 2016 में एक बात कही थी जिसके तार हार्दिक पांड्या के उस प्रदर्शन से जुड़े हैं जिसका चरम हम इस समय देख रहे हैं।

पिछले वर्ल्ड कप से बहुत कुछ बदल गया
सभी जानते हैं कि हार्दिक पांड्या ने पिछले T20 वर्ल्ड कप में खेलने के बाद खुद को टीम इंडिया से बाहर कर लिया था। उन्होंने अपनी चोट पर अच्छे से फोकस किया उनका रिहैबिलिटेशन बहुत बढ़िया रहा और वे अलग नजर आए। हार्दिक ने लंबा ब्रेक लिया और आईपीएल में गुजरात टाइटंस के कप्तान के तौर पर वापसी की जहां उन्होंने गेंदबाजी भी करनी शुरू कर दी। इससे पहले हार्दिक अपनी बॉलिंग ना करनी की वजह से बहुत आलोचना का शिकार हुए थे क्योंकि कोई भी उनको केवल एक बल्लेबाज के तौर पर देखने को तैयार नहीं था।

आईपीएल 2022 एक मील का पत्थर साबित हुआ
इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट टीम उनको केवल एक बल्लेबाज के तौर पर भी खिलाती रहती थी। लेकिन आईपीएल 2022 एक मील का पत्थर साबित हुआ जहां हार्दिक पांड्या ने 140 किलोमीटर प्रति घंटा से ऊपर की रफ्तार निकालने में कामयाबी हासिल की। वे ऐसा लगातार करते रहे और उनकी टीम को पहली बार ही आईपीएल 2022 का खिताब भी मिल गया जहां फाइनल मैच में हार्दिक ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों से योगदान दिया था।

तब हार्दिक पांड्या का भारतीय क्रिकेट टीम में डेब्यू भी नहीं हुआ था
श्रीधर बताते हैं कि हार्दिक पांड्या का भारतीय क्रिकेट टीम में डेब्यू भी नहीं हुआ था तभी रवि शास्त्री ने इस खिलाड़ी की प्रतिभा पहचान ली थी। तब अनिल कुंबले टीम इंडिया के कोच हुआ करते थे लेकिन एक साल बाद रवि शास्त्री ने उनकी जगह ले ली थी। शास्त्री ने उस समय जो बात कही वह कहीं ना कहीं हार्दिक की चोट ने अभी पूरी तरह साबित नहीं की है लेकिन इसमें कोई शक नहीं जिस तरीके से हार्दिक पांड्या इस समय प्रदर्शन कर रहे हैं वह क्रिकेट की तमाम बाधाओं को पार करने में सक्षम है।

हमने हार्दिक पांड्या को एक मैच विजेता के तौर पर देखा
श्रीधर क्रिकेट डॉट कॉम पर बात करते हुए बताते हैं कि हमने हार्दिक पांड्या को एक मैच विजेता के तौर पर देखा। रवि भाई ने इस खिलाड़ी की काबिलियत को डेब्यू करने से पहले ही देख लिया था। रवि शास्त्री कुछ इस तरीके से इस खिलाड़ी को देख रहे थे कि जैसे यह हमें विदेशों में टेस्ट मैच जिताने वाला है। वे जानते थे कि हार्दिक पांड्या भारतीय टीम में वह चीज जोड़ देंगे जो अभी तक टूटी हुई थी। और वह था एक ऐसा राउंडर होना जो 140 प्लस किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद फेंक सकता हो। तो हम जानते थे हार्दिक पांड्या टीम में क्या लेकर आ रहे हैं। हार्दिक ने महेंद्र सिंह धोनी रोहित और विराट से सीखना शुरू कर दिया।
पूर्व कोच आगे बताते हैं कि हार्दिक पांड्या क्रिकेट खेलते थे क्योंकि वे स्पोर्ट्स को पसंद करते थे। चाहे गेंदबाजी हो बल्लेबाजी और फील्डिंग हो, हमने हार्दिक पांड्या को इस खेल का आनंद उठाते हुए देखा है।

वर्कलोड मैनेजमेंट ठीक रहा तो शास्त्री की बात सही साबित होगी
अब बात आती है हार्दिक पांड्या की टेस्ट मैच की सफलता की तो उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2018 सितंबर में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। वे अपने करियर में जितने सफल इस समय चल रहे हैं उसके बाद तय है कि वह सफेद गेम क्रिकेट में कमाल करने जा रहे हैं। खासकर टी20 में महान खिलाड़ी होने जा रहे हैं। लेकिन अभी तक उन्होंने केवल 11 टेस्ट मैच खेले हैं। उनका टेस्ट डेब्यू 2017 में हुआ था और उन्होंने इस फॉर्मेट में तमाम काबिलियत दिखाई है लेकिन जैसा कि हमने कहा कि उनकी कमर की चोट ने उनको टेस्ट क्रिकेट खेलने से पिछले कुछ सालों से रोका हुआ है। टेस्ट क्रिकेट में जरा भी समझौता करके 5 दिन नहीं दिए जा सकते।
फिलहाल हार्दिक पांड्या का टेस्ट मैच खेलना उनके वर्कलोड मैनेजमेंट का भी हिस्सा है। फिर भी उम्मीद करते हैं कि हार्दिक ने अगर टेस्ट मैचों में भी प्रदर्शन करने की ललक दिखाई तो यह खिलाड़ी विदेशी धरती पर जरूर अपने दम पर टेस्ट मैच में भी जिताने में कामयाब रहेंगे।












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