आखिर कैसे अर्श से फर्श पर आ गिरे Prithvi Shaw, पैसा नहीं ये था कारण, बचपन के कोच का खुलासा
Prithvi Shaw Childhood Coach Interview: पृथ्वी शॉ का करियर पिछले कुछ समय से मुश्किल दौर से गुजर रहा है। 19 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाकर उन्होंने सभी का ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन अब उनका बल्ला घरेलू क्रिकेट में भी नहीं चल पा रहा है। हाल ही में सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में मुंबई टीम के लिए खेलते हुए वह सर्विसेज के खिलाफ अपना खाता भी नहीं खोल पाए और तीसरी गेंद पर बोल्ड हो गए। यह टूर्नामेंट में दूसरी बार था जब वह डक पर आउट हुए।
मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड रहे पृथ्वी
इसके साथ ही मुंबई रणजी टीम से फिटनेस की वजह से ड्रॉप होने के बाद से उन्हें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी खराब फॉर्म ने सवाल उठाए हैं कि क्या वह भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह बना पाएंगे या नहीं। हालांकि, वह घरेलू क्रिकेट में अपनी फॉर्म को फिर से हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी तरफ आईपीएल मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड रहना उनके लिए बड़ा झटका था।

बचपन के कोच ने कही दिल की बात
पृथ्वी शॉ को लेकर उनके बचपन के कोच संतोष पिंगुलकर ने कई बातों का जिक्र किया है। हमारी सहयोगी वेबसाइट MyKhel से बात करते हुए संतोष पिंगुलकर ने पृथ्वी के शुरुआती दिनों से लेकर अब तक की जर्नी पर अपने विचार पेश किए। कोच ने खुलासा किया कि शॉ ने 3-4 साल की छोटी उम्र में ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया था और करीब एक दशक तक उनके मार्गदर्शन में रहे।
पृथ्वी के पास ईश्वर का वरदान
कोच ने आगे कहा कि वह शुरू से ही अलग था। न तो उनके पिता और न ही उनकी मां ने क्रिकेट खेला, लेकिन पृथ्वी के पास ईश्वर का वरदान था। चाहे वह डिफेंस करना हो या शॉट मारना उनकी तकनीक कमाल थी। उनका स्वभाव मिलनसार था और वे दूसरों से अलग दिखते थे। संतोष पिंगुलकर ने पृथ्वी के साथ 14 साल की उम्र तक काम किया, जिसके बाद फिर शॉ बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के सीनियर अभ्यास सेशन में शामिल हो गए।
पैसा नहीं इस वजह से टूटा पृथ्वी का फोकस
पृथ्वी के डाउन फॉल का बड़ा कारण पैसा नहीं बल्कि उनके फिल्मी दोस्त हैं। हर कोई पृथ्वी के इस हालत की वजह पैसे को बता रहा है। लेकिन कोच पिंगुलकर का कहना है कि पैसा नहीं यह उनकी मित्र मंडली ही है जिसने सही भूमिका नहीं निभाई है। जब वह पॉपुलर हुए तो उनके दोस्त बदल गए। उनके मित्र मंडली में बदलाव आया। वह क्रिकेट की दुनिया से दूर चले गए और फ़िल्मी दुनिया में शामिल हो गए। उनके मित्र क्रिकेट की पृष्ठभूमि से नहीं थे और वह क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाये।
कोच ने कहा कि मुझे आश्चर्य नहीं हुआ जब उन्हें इस साल आईपीएल के लिए नहीं चुना गया। उन्होंने अपना बेस प्राइस भी घटाकर 75 लाख कर दिया, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि उनका चयन नहीं हुआ। बता दें कि पृथ्वी शॉ को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए मुंबई की टीम में शामिल किया गया था और उन्होंने टूर्नामेंट में अब तक 143 की स्ट्राइक रेट से 96 रन बनाकर अपनी फॉर्म में कुछ सुधार किया है।












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