क्या वनडे क्रिकेट में नम्बर 8 के लिए सटीक विकल्प हैं शार्दुल ठाकुर ?

शार्दुल ठाकुर मौका मिलने पर बैटिंग में भी अपने हाथ दिखाते हैं, न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम वनडे में उन्होंने ऐसा किया था।

Shardul Thakur

Shardul Thakur: एकदिवसीय क्रिकेट का स्तर दिनोंदिन प्रतिस्पर्धी और चुनौतीपूर्ण होते जा रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्यों कि खिलाड़ियों की क्षमता में आश्चर्यजनक ढंग से बढोतरी हो रही है। अब आलम ये है कि नम्बर 7, 8 और 9 के बल्लेबाज के लिए भी रन बनाना जरुरी समझा जा रहा है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारत की तैयारी अभी जीत के साथ आगे बढ़ रही है। लेकिन इस जीत में भविष्य की चुनौतियां भी हैं। खामियों पर काबू पाने के लिए करीब सात महीने का वक्त है। भारतीय टीम में नम्बर 8 पर किस खिलाड़ी को जगह मिलनी चाहिए ? क्या शार्दुल ठाकुर इसके लिए उपयुक्त खिलाड़ी हैं ? इस नम्बर वही खिलाड़ी उपयोगी होगा जो गेंद और बल्ले, दोनों से कमाल दिखा सके। शार्दुल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैच में अपने खेल से नतीजे का रुख मोड़ दिया। भारत को मुश्किल परिस्थितियों से निकाल कर जीत की राह सुनिश्चित की।

शार्दुल की खूबी पर कमी कुर्बान कीजिए

शार्दुल की खूबी पर कमी कुर्बान कीजिए

शार्दुल ठाकुर की कमी है कि वे रन लुटाते हैं। खूबी ये है कि वे अहम मोड़ पर टीम को विकेट निकाल कर देते हैं। इस खूबी पर उनकी कमी कुर्बान की जा सकती है। बीच के ओवरों में भारत को विकेट की दरकार होती है। शार्दुल रन खर्च करते हैं लेकिन विकेट भी दिलाते हैं। अगर विपक्षी टीम का मिडिल ऑर्डर जम गया तो तीन सौ, साढ़े तीन सौ का स्कोर भी छोटा पड़ सकता है। पहले और तीसरे एकदिवसीय मैच में न्यूजीलैंड ऐसा करता दिख रहा था। तीसरे वनडे में डेवोन कॉनवे और डेरिल मिचेल तीसरे विकेट के लिए 78 रन की साझेदारी कर मैच में वापस लौट रहे थे। 25 ओवर में न्यूजीलैंड दो विकेट पर 184 का स्कोर खड़ा कर चुका था। अगर ये दोनों इसी लय में खेलते रह जाते तो 386 का लक्ष्य भी कठिन नहीं होता। लेकिन इसी मोड़ पर शार्दुल ने कमाल कर दिया।

कमी तो है लेकिन मैच का रुख मोड़ने वाले खिलाड़ी

कमी तो है लेकिन मैच का रुख मोड़ने वाले खिलाड़ी

कॉनवे और मिचेल की बैटिंग देख कर कप्तान रोहित शर्मा की चिंता बढ़ रही थी। 26वें ओवर के लिए उन्होंने गेंद शार्दुल ठाकुर को सौंप दी। शार्दुल ने पहली गेंद पर ही डेरिल मिचल को आउट कर कप्तान और टीम की उम्मीद पूरी कर दी। दूसरी गेंद पर उन्होंने कप्तान टॉम लेथम को भी चलता कर दिया। दो गेंदों पर दो विकेट। मैच बिल्कुल पलट गया। लेकिन ये क्या ? दो गेंद अच्छी डालने के बाद शार्दुल अपनी दिशा से भटक गये। वे हैट्रिक पर थे। उन्हें और अच्छी गेंद डालनी चाहिए थी। लेकिन वे लाइन- लेंथ पर काबू नहीं रख पाये और इसी ओवर में दो चौके खा बैठे। दो विकेट लेने वाला गेंदबाज उसी ओवर में ऐसी गलती नहीं करता। लेकिन शार्दुल को इसी खूबी और कमी के साथ स्वीकर करना पड़ेगा क्यों वे मैच का रुख मोड़ने वाले खिलाड़ी हैं। शार्दुल फिर 27वें ओवर के लिए आये। चौथी गेंद पर उन्होंने ग्लेन फिलिप्स को आउट कर दिया। यानी दो ओवर में तीन विकेट। शार्दुल की इस गेंदबाजी से न्यूजीलैंड का स्कोर 2 विकेट पर 184 से 5 विकेट पर 200 हो गया। मिडिलऑर्डर के धाराशायी होते ही न्यूजीलैंड की उम्मीदें टूट गयीं। इसके अलावा शार्दुल ने 17 गेंदों पर 25 रनों का महत्वपूर्ण योगदान भी दिया था।

दो साल में 8 बार 350 प्लस का स्कोर

दो साल में 8 बार 350 प्लस का स्कोर

वनडे में बल्लेबाजी का स्तर इतना विस्फोटक हो गया है कि पिछले दो साल में ही 8 बार 350 या इससे अधिक रन बन चुके हैं। इसमें से तो अकेले भारत ने ही चार बार ये कारनामा किया है। हैरत की बात है कि 350 का स्कोर भी अब सुरक्षित नहीं। एक सप्ताह पहले ही भारत ने 349 रन बोर्ड पर टांगे थे। एक समय ऐसा लग रहा था कि न्यूजीलैंड 350 का टारगेट भी हासिल कर लेगा। अगर अंतिम ओवर में शार्दुल ठाकुर ने ब्रेसवेल का विकेट नहीं लिया होता तो भारत हार भी सकता था। माइकेल ब्रेसवेल ने नम्बर 7 पर बैटिंग करते हुए 78 गेंदों पर 140 रन ठोक दिये थे। ब्रेसवेल पिछले छह महीने में नम्बर 7 पर बैटिंग करते हुए दो बार शतक लगा चुके हैं। उन्होंने जुलाई 2022 में आयरलैंड के खिलाफ 82 गेंदों पर नाबाद 127 रन बनाये थे। यानी अब हर क्रम पर बल्लेबाजी समय की मांग हो गयी है।

अब नम्बर 8 के बल्लेबाज बना रहे शतक

अब नम्बर 8 के बल्लेबाज बना रहे शतक

फटाफट क्रिकेट में अब सिर्फ गेंदबाज के लिए शायद ही जगह है। विश्वकप जैसे बड़े मुकाबले में वही टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है जिसके पास नम्बर 7, 8,9 तक बल्लेबाजी है। इंग्लैंड की टीम अभी एकदिवसीय और टी-20 की विश्व विजेता है। उसकी कामयाबी में ऑलराउंडर सैम करन का महत्वपूर्ण योगदान है। सैम करन ने दो साल पहले वनडे मैच में नम्बर 8 पर खेलते हुए भारत के खिलाफ नाबाद 95 रन बनाये थे। इस दरम्यान उनका स्ट्राइक रेट सौ से अधिक था। एकदिवसीय मैचों में अब बैटिंग की गहरायी बढ़ती जा रही है। एक महीना पहले ही मीरपुर वनडे में मेहंदी हसन मिराज (बांग्लादेश) ने नम्बर 8 पर खेलते हुए भारत के खिलाफ नाबाद 100 रनों की पारी खेली थी। इस शतक के लिए उन्होंने 83 गेंदें खेली थीं। भारत यह मैच हार गया था। मेहंदी इस पोजिशन पर खेलते हुए अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 81 रन भी बना चुके हैं। वे 67 वनडे में 69 विकेट ले चुके हैं। यानी नम्बर 8 पर वही खिलाड़ी उपयोगी है जो बैट और बॉल से कमाल दिखा सके।

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