IPL 2023: TOP पर गुजरात, नेहरा-पांड्या की जोड़ी का फिर कमाल
हार्दिक पांड्या और आशीष नेहरा की जोड़ी ने इस सीजन भी कमाल किया है। नेहरा बाउंड्री लाइन पर खड़े होकर निर्देश देते रहते हैं।

Gujarat Titans: आइपीएल 2023 के आधे से अधिक मैच हो चुके हैं। पिछले साल की विजेता गुजरात टाइटंस इस साल भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। 11 में 8 मैच जीत कर 16 अंकों के साथ पहले पायदान पर है। गुजरात के निरंतर बेहतर प्रदर्शन का श्रेय खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच आशीष नेहरा को भी दिया जा रहा है। आशीष नेहरा की कोचिंग की क्या खासियत है ? इस सवाल का जवाब किसी और से नहीं बल्कि टीम के ही एक अहम सदस्य विजय शंकर से जानते हैं। बकौल विजय शंकर, "पिछले साल जब मैं उनसे मिला था तब उन्होंने कहा था, यहां कोई कप्तान नहीं है। कोई नेट बॉलर नहीं है। यहां सभी एक जैसे हैं। इनमें मैं भी शामिल हूं। बस जान लगा कर खेलना है। आशीष नेहरा कोच से अधिक दोस्त नजर आते हैं।" आज विजय शंकर गुजरात के लिए मैच जिताऊ पारियां खेल रहे हैं। केवल 21 गेंदों पर अर्धशतक लगा कर वे नये अवतार में दिख रहे हैं।
नेहरा- पांड्या का स्पेशल याराना
कोच आशीष नेहरा का कप्तान हार्दिक पांड्या के साथ बिल्कुल दोस्ताना रिश्ता है। ये दोनों एक दूसरे से इतने खुले हुए हैं कि अगर सामने वाला इनकी बात सुन ले तो हैरत में पड़ जाए। रणनीति तय करने के लिए भी जब गंभीर बात हो रही हो तब हार्दिक, आशीष नेहरा को 'डार्लिंग' कह कर संबोधित करते हैं। जब मजाक का मूड होता है तो वे आशीष नेहरा को 'कोच साहेब' कहते हैं। दरअसल हार्दिक, आशीष नेहरा की वजह से ही गुजरात के कप्तान बने थे। जब वे मुम्बई इंडियंस से रीलीज हुए थे तब कुछ तय नहीं किया था कि किस टीम के साथ जुड़ना है। लखनऊ के कप्तान केएल राहुल से भी हार्दिक की दोस्ती है। लखनऊ सुपर जाएंट्स की तरफ से भी हार्दिक को फोन गया था। वे लखनऊ से जुड़ने के बारे में सोचने लगे थे। लेकिन इस बीच गुजरात के कोच आशीष नेहरा ने हार्दिक को खुद फोन कर अपनी टीम से जुड़ने का प्रस्ताव दिया। नेहरा से हार्दिक की दोस्ती अलग और खास है। हार्दिक गुजरात से जुड़ने के बारे में सोचने लगे ।
नेहरा ने हार्दिक को कप्तान बनने में मदद की थी
आशीष नेहरा ही वे पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने सबसे पहले हार्दिक में कप्तानी की योग्यता देखी थी। कहा जाता है कि नेहरा ने टीम प्रबंधन को सुझाव दिया था कि हार्दिक को कप्तान बनाया जाय। जब सबकी इस बात पर रजामंदी हो गयी तो एक दिन नेहरा ने हार्दिक को फोन किया। उन्होंने हार्दिक को बताया कि वे गुजरात का कप्तान बनने के लिए तैयार रहें। हार्दिक ये बात सुन कर बहुत एक्साइटेड हो गये। वे कप्तान की जिम्मेदारी निभाने के लिए बहुत उत्सुक थे। इस तरह हार्दिक पांड्या गुजरात के कप्तान बन गये। फिर तो नेहरा और हार्दिक की दोस्ती और पक्की हो गयी। अगर पिछले साल के फाइनल की बात छोड़ दें तो हार्दिक, नेहरा की हर सलाह पर अमल भी करते हैं। पिछले साल फाइनल में नेहरा ने 12वां ओवर साई किशोर से कराने के लिए कहा था लेकिन हार्दिक ने राशिद खान को गेंद सौंपी थी। राशिद ने देवदत्त पड्डिकल का विकेट लेकर हार्दिक के फैसले को सही साबित किया था।
अलग अंदाज के कोच
आशीष नेहरा क्रिकेट के दूसरे कोचों से बिल्कुल अलग हैं। मैच के दौरान अन्य कोच कुर्सी पर बैठ कर लैपटॉप के साथ एनालिटिक्स और मेथडोलॉजी में उलझे रहते हैं जब कि नेहरा किसी फुटबॉल मैनेजर की तरह बाउंड्री लाइन पर खड़े रहते हैं। वे फील्डिंग कर रहे अपने खिलाड़ियों के साथ लगातार बात करते रहते हैं। गुजरात की फील्डिग के दौरान उन्हें अक्सर बाउंड्री लाइन के आसपास चहलकदमी करते हुए देखा जा सकता है। वे गेंदबाज के पास संदेश भेजते हैं कि कब कैसी गेंद फेंकनी चाहिए। आशीष नेहरा की यह आदत इतनी मशहूर हो गयी है कि अब उनके बेटे आरुष भी उनकी नकल करने लगे हैं।
जब नेहरा के बेटा ने की उनकी नकल
करीब आठ नौ दिन पहले गुजरात टाइंटस ने अपने ट्वीटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियों में आशीष नेहरा के बेटा आरुष और बेटी आरियाना मैदान में बाउंड्री के पास खड़े हैं। स्टेडियम बिल्कुल खाली है। शायद वीडियो शूट करने के लिए ही वे दोनों यहां खड़े हैं। बारह-तेरह साल के आरुष अपनी बहन आरियाना को अपने पिता की नकल करके दिखाते हैं। वे पिता की तरह दोनों हाथ पीछे रखते हैं। फिर एक हाथ निकाल कर वे मैदान की तरफ इशारा करते हैं, फिर कहते हैं फास्ट बॉल ! फास्ट बॉल डाल ! लेंथ बॉल डाल। फिर आरूष अपनी बहन की तरफ मुड़ कर कहते हैं, बिल्कुल सेम टू सेम है। इस वीडियो से पता चलता है कि गुजरात टाइटंस को आशीष नेहरा की ये बाउंड्री लाइन एक्टिविटी कितनी पसंद है।












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