जब रोहित-कोहली फ्लॉप हो गए, धवन बना रहे हैं रन, रवि शास्त्री ने कहा- तभी तो गब्बर धाकड़ है
मुंबई, 26 अप्रैल: एक समय शिखर धवन को रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ खड़ा किया जाता था। उनको भारतीय क्रिकेट में 3 महान बल्लेबाजों में शुमार किया जाता था। धीरे-धीरे विराट कोहली और रोहित शर्मा महानता की रेस में बहुत आगे निकल गए और शिखर धवन कहीं पीछे छूट गए। अब हालत यह है कि यह बल्लेबाज T20 वर्ल्ड कप की ओर देख रहा है क्योंकि राष्ट्रीय टीम में प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह पहले की तरह फिक्स नहीं रही है। लेकिन शिखर धवन ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि वह अभी समाप्त नहीं हुए हैं।

धाकड़ खिलाड़ी
शिखर धवन इस साल के अंत में आस्ट्रेलिया में होने वाले T20 वर्ल्ड कप में अपना मजबूत दवा ठोक रहे हैं। आईपीएल में अपना 200वां मैच खेलते हुए पंजाब किंग्स के इस ओपनिंग बल्लेबाज ने नाबाद 88 रन बनाए जिससे चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को 11 रनों से हराने में आसानी हुई। उन्होंने T20 क्रिकेट में अपने 9000 रन भी पूरे कर लिए हैं और आईपीएल में 6000 रन भी पूरे कर लिए हैं। मैच समाप्त होने के बाद भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने शिखर धवन को धाकड़ खिलाड़ी बताया है।

रवि शास्त्री ने की तारीफ-
रवि शास्त्री का कहना है कि भारत जैसे देश में विराट कोहली और रोहित शर्मा ही सारा क्रेडिट ले जाते हैं लेकिन शिखर धवन इन दोनों के बीच में पूरी गंभीरता के साथ बने हुए हैं। शास्त्री ने कहा कि धवन मैदानी परिस्थितियों को बहुत अच्छे से पढ़ते हैं, अपने रोल को बखूबी समझते हैं, क्या शॉट खेलने हैं इस पर विचार करते हैं और यह भी देखते हैं कि किस गेंदबाज को किस समय पर हिट करना सही रहेगा। यह बात दिखाती हैं कि उन्होंने इतने सालों में किस तरह का माइंड सेट बना लिया है। शिखर धवन आईपीएल 2022 में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने हुए हैं जहां उन्होंने आठ पारियों में 302 रन बनाए हैं जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा एक-एक रनों के लिए तरस रहे हैं।

धवन का क्या है कहना-
दूसरी ओर शिखर धवन का कहना है कि वह हमेशा प्रक्रिया पर ध्यान देते हैं और इसी पर ही फोकस करते हैं। वह अपनी फिटनेस, रवैये और क्रिकेट के लिए जरूरी कौशल पर हमेशा काम करते रहते हैं और नतीजे पर ध्यान नहीं देते। उनका कहना है कि विकेट थोड़ा धीरे खेल रहा था और उन्होंने बड़े शॉट लगाने की कोशिश की लेकिन गेंद बल्ले पर कनेक्ट नहीं हो पाई। उन्होंने खुद को शांत रखो और एक बार सेट हो जाने के बाद चौके लगाए।
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कैसे जूनियरों को गाइड कर रहे हैं धवन-
धवन कहते हैं कि पहले बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाना होता है इसके लिए आपको चौके लगाने होते हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होता है कि टीम अपने विकेट ज्यादा ना खोए। धवन आगे कहते हैं, "मैं इस टीम का सीनियर मेंबर बन चुका हूं। मैं अपने कप्तान को और बाकी खिलाड़ियों को मैदान पर काफी सलाह देता हूं। युवा लोग बहुत सोचते हैं। कई बार वे ज्यादा ही सोच लेते हैं तो मैं उनसे बातचीत करने की कोशिश करता हूं। मैं उनसे आकर्षण के नियम के बारे में बात करता हूं और बताता हूं कि जीवन में बड़ी चीजों को कैसे हासिल किया जाए।"
चेन्नई सुपर किंग्स की टीम शुक्रवार को अब लखनऊ सुपरजाइंट्स के खिलाफ खेलने उतरेगी।












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