IPL: दिग्गजों को पछाड़कर रुतुराज गायकवाड़ निकले 'सबसे तेज', सचिन की कर ली बराबरी
नई दिल्ली, 2 मई: चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार ओपनिंग बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड फॉर्म में रहने पर यकीन नहीं करते क्योंकि उनका मानना है हर खेल शून्य से शुरू होता है। ऋतुराज गायकवाड ने आईपीएल 2022 के शुरुआती 8 मुकाबलों में काफी संघर्ष किया लेकिन वे रविवार को अपने बेस्ट पर दिखाई दिए और उन्होंने छह छक्के व इतने ही छक्के लगाकर 57 गेंदों पर 99 रनों की पारी खेली और अपने किसी साथी डेवॉन कॉन्वे के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 182 रनों की साझेदारी की जो आईपीएल के इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बनाई गई सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी है।
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मैन ऑफ द मैच
चेन्नई सुपर किंग्स की टीम महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेल रही थी और उन्होंने पुणे में हुए इस मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को 13 रनों से मात देने में कामयाबी हासिल की। इस मुकाबले में डेवॉन ने भी नाबाद 85 रन बनाए। ऋतुराज गायकवाड को अपनी बेहतरीन पारी के लिए मैन ऑफ द मैच दिया गया।

मैं किसी फॉर्म वगैरह को नहीं मानता
गायकवाड़ ने मैच के बाद कहा, "अच्छा लग रहा है यह पारी काफी स्पेशल है। कई बार दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से हो जाते हैं कई बार आपको अच्छी गेंद मिल जाती हैं। इस तरह की चीजें चलती रहती है और कुछ लोग आपके सपोर्ट में खड़े रहते हैं जो महत्वपूर्ण है। व्यक्तिगत तौर पर मैं किसी फॉर्म वगैरह को नहीं मानता हूं। मुझे लगता है कि हर खेल जीरो से ही शुरू होता है और ऐसा सोचना मदद करता है। मैं ज्यादा तेज गति की गेंदों को खेलना पसंद करता हूं क्योंकि यह मुझसे मेरा बेस्ट निकल आती है।"

चिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली
इसके साथ ही गायकवाड ने भारत के सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली है। वे इंडियन प्रीमियर लीग में सबसे तेजी से 1000 रन बनाने के मामले में संयुक्त तौर पर सचिन की बराबरी पर आ चुके हैं। गायकवाड और सचिन तेंदुलकर ने ऐसा करने के लिए मात्र 31 पारिया ली। इसके बाद गायकवाड और सचिन तेंदुलकर के बाद सुरेश रैना का नंबर आता है जिन्होंने ऐसा करने के लिए 34 पारियां ली। ऋषभ पंत ने 35 पारियों में यह काम किया और देवदत्त पडिक्कल ने भी 35 पारियों में ही यह काम किया।

बाकी बचे मैच जीतना बहुत जरूरी
हालांकि चेन्नई सुपर किंग्स की टीम के लिए अपने बाकी बचे मैच जीतना बहुत जरूरी है क्योंकि वह 9 मुकाबलों में केवल 3 ही मैच जीत पाए हैं और उनके 6 अंक हैं। इनको अगर प्लेऑफ की रेस में बने रहना है तो अपने आने वाले सभी मुकाबले जीतने होंगे। व्यवहारिक तौर पर चेन्नई सुपर किंग्स की टीम इस बार प्लेऑफ में जाती हुई नहीं दिखाई दे रही है। अगर महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी कुछ अलग ही निखार लेकर आ जाए तो बात अलग है वरना इस बार मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमों के बिना ही प्लेऑफ को आगे बढ़ना होगा।












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