INDW vs SAW: 'दीप्ति आज कमाल करेगी', मां सुशीला शर्मा ने टीम इंडिया को दी जीत की टिप्स, बताया पूरा गेम प्लान
India Women vs South Africa Women, Final: क्रिकेट फैंस एक नए विश्व चैंपियन को देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं। आज ICC महिला विश्व कप 2025 का फाइनल भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा। इस दौरान दोनों टीमें बरसों से चली आ रही ट्रॉफी की हसरत को खत्म करने के लिए आमने-सामने होंगी। नवी मुंबई के डॉ. डी वाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में होने वाला यह मुकाबला महज़ एक मैच नहीं, बल्कि इतिहास को फिर से लिखने के जुनून की कहानी है।
भारत के लिए यह फाइनल शायद सबसे कठिन परिश्रम से हासिल किया गया है, जिसने कड़े पराजयों के बावजूद खुद को संभाला और मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर घरेलू मैदान पर फाइनल में जगह बनाई है। अब बस एक आखिरी बाधा पार करनी है- या तो बरसों पुराने घाव भरेंगे, या ताजे जख्म मिलेंगे।

दीप्ति शर्मा की मां का आशीर्वाद और अटूट विश्वास
आगरा से क्रिकेटर दीप्ति शर्मा की मां सुशीला शर्मा ने टीम इंडिया पर अपना आशीर्वाद और अटूट विश्वास जताया है। उनका मानना है कि पढ़ाई में एक-एक अंक की तरह, मैच में एक-एक रन मायने रखता है। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें शुरू से ही रन बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि विरोधियों को चौके देने की गलती करनी चाहिए।
उन्होंने दृढ़ता से कहा, 'हमें हर कीमत पर आज जीतना ही होगा... दीप्ति असाधारण प्रदर्शन करेगी। मैंने उसे अंदर से मजबूत किया है, और जब उसके हाथों में बल्ला और गेंद होगी, तो हर कोई उसका खेल देखेगा।' यह बयान टीम के लिए एक भावनात्मक प्रेरणा और मां के गहरे विश्वास को दर्शाता है।
यह फाइनल इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इसमें न तो ऑस्ट्रेलिया है और न ही इंग्लैंड-जो महिला क्रिकेट में इन दोनों टीमों की लंबी छलांग का प्रमाण है। भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों ने कई बार इस मंच पर खड़े होकर ट्रॉफी को फिसलते देखा है। भारत दो बार पहले वनडे फाइनल हार चुका है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका लगातार तीसरा आईसीसी फाइनल खेलेगा और अभी भी पहली ट्रॉफी का इंतजार कर रहा है। दोनों टीमें अपने-अपने सबसे बड़े डर पर काबू पाकर यहां तक पहुंची हैं, लेकिन अब चुनौती है-फाइनल के दबाव को झेलने की।
भारत का चुनौतीपूर्ण सफर और सेमीफाइनल की जीत
भारत ने टूर्नामेंट में अपनी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया से नॉकआउट हारने के बोझ के साथ की थी। अभियान के बीच में लगातार हार के दौर ने पुराने संदेहों को फिर से जगा दिया था। लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की, और सेमीफाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन को हराकर उस हार का बदला ले लिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला वनडे इतिहास का सबसे बड़ा टोटल चेज़ करके फाइनल में पहुंचना टीम के लिए एक भावनात्मक जीत रही है।
हालांकि, टीम 2017 की हार को भूली नहीं है और जानती है कि सेमीफाइनल की जीत जीत की गारंटी नहीं है। हेड-टू-हेड में, भारत 34 वनडे मैचों में 20-13 से आगे है, लेकिन विश्व कप के पिछले तीन मुकाबले दक्षिण अफ्रीका ने जीते हैं।
दक्षिण अफ्रीका की जिद्द और ऐतिहासिक मौका
दक्षिण अफ्रीका का सफर भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं रहा, जिसे राउंड-रॉबिन चरण में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के हाथों शर्मनाक हार मिली थी। लेकिन उनकी कप्तान के नेतृत्व में टीम ने पिछले बोझ को उतार फेंका और इंग्लैंड को ध्वस्त कर दिया, जो 2017 और 2022 में उनके अभियान को खत्म करने वाला कांटा था। उन्होंने अपनी पुरानी गलतियों पर काबू पाकर यह साबित किया कि वे फाइनल में जगह बनाने के हकदार हैं।












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