भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक है 21 जुलाई, 8 साल पहले 'क्रिकेट के मक्का' पर मिली थी 28 साल बाद जीत
नई दिल्ली, जुलाई 21। भारतीय क्रिकेट के लिहाज से हर साल 21 जुलाई की तारीख बहुत ही खास होती है, क्योंकि इसी दिन 8 साल पहले यानि कि 21 जुलाई 2014 को टीम इंडिया ने 'क्रिकेट का मक्का' कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड को टेस्ट मैच में पटखनी दी थी। यह जीत ऐतिहासिक और यादगार इसलिए थी क्योंकि भारत लॉर्ड्स के मैदान पर पूरे 28 साल बाद टेस्ट मैच जीता था और इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े हीरो थे तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी।

दिग्गज क्रिकेटरों से सजी इंग्लैंड की टीम को दी थी मात
एलिस्टर कुक, इयान बेल, जो रूट, मोईन अली, मैट प्रायर, बेन स्टोक्स और स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे दिग्गज और स्टार खिलाड़ियों से सजी इंग्लैंड की टीम को इस मुकाबले में हरा पाना वाकई बहुत मुश्किल काम था, लेकिन धोनी के माइंड गेम और ईशांत शर्मा की शानदार गेंदबाजी की बदौलत यह नामुमकिन काम संभव हो पाया और भारत ने यह मैच 95 रनों से जीत लिया था। इंग्लैंड की टीम को 319 रनों का लक्ष्य मिला था, लेकिन पूरी मेजबान टीम 223 रनों पर सिमट गई थी। हालांकि एक समय इंग्लैंड इस मैच में जीत के करीब जाती दिख रही थी, जब टीम का स्कोर 4 विकेट पर 174 रन था।

ईशांत थे जीत के हीरो
भारत की इस ऐतिहासिक जीत में सबसे बड़ा योगदान ईशांत शर्मा का था। उन्होंने इस पूरे मैच में 8 विकेट लिए थे, जिसमें से 7 विकेट तो उन्होंने दूसरी पारी में ही लिए थे। दूसरी पारी में ईशांत ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर ऐसा कहर बरपाया कि मेजबान टीम को मैच में वापसी करने का जरा भी मौका नहीं मिल पाया। ईशांत शर्मा ने दूसरी पारी में 74 रन देकर 7 विकेट हासिल किए थे। ईशांत ने एलिस्टर कुक, जो रूट, मोईन अली, मैट प्रायर, बेन स्टोक्स और स्टुअर्ट ब्रॉड का विकेट हासिल किया था। इस प्रदर्शन के लिए ईशांत को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला था। ईशांत के अलावा भुवनेश्वर कुमार ने भी मैच की पहली पारी में 6 विकेट हासिल किए थे।

धोनी की स्ट्रैटजी रही थी कमाल की
आपको बता दें कि पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का यह दूसरा मैच था, जिसमें भारत ने पहली पारी में 295 रन बनाए थे। अजिंक्य रहाणे ने 103 रन की पारी खेली थी। जवाब में इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 319 रन बनाए थे। वहीं भारत ने दूसरी पारी में 342 रन बनाकर इंग्लैंड को 319 रन का लक्ष्य दिया था। इंग्लैंड दूसरी पारी में 223 रनों पर सिमट गई और भारत ने यह मै 95 रनों से जीत लिया था। टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भले ही इस जीत में बल्ले से योगदान नहीं दिया हो, लेकिन उनकी रणनीति का इस जीत में बहुत बड़ा योगदान था। धोनी से पहले 1986 में कपिल देव की कप्तानी में लॉर्ड्स के मैदान पर भारत ने इंग्लैंड को 5 विकेट से हराया था।












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