IND vs SL: 'इतना प्रतिभाशाली खिलाड़ी, फिर ऐसे आउट', संजू सैमसन से निराश हुए सुनील गावस्कर
संजू सैमसन टीम से कई बार अंदर-बाहर होते रहे हैं। ऐसे में सब चाहते हैं इतने प्रतिभाशाली बल्लेबाज को लगातार टीम में जगह मिले लेकिन वे उन मौकों को भी दोनों हाथों से भुनाएं।

भारतीय क्रिकेट के महान कमेंटेटर सुनील गावस्कर को ये देखकर निराशा हुई कि संजू सैमसन ने कैसे अपना विकेट गंवा दिया। सैमसन को कई बार टीम से अंदर बाहर किया जा रहा है। उनको अब श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में लिया गया है जिसका पहला मुकाबला मंगलवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हुआ। यहां गावस्कर संजू सैमसन के खराब प्रदर्शन से निराश थे।
सैमसन को 2024 विश्व कप के लिए एक गंभीर खिलाड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि टी20 मैचों के बाद होने वाली वनडे सीरीज में संजू का नाम नहीं है लेकिन उनको भारत के रिबूट कार्यक्रम का अहम भाग माना जा रहा है। ताजा मुकाबले में वे छह गेंदों पर पांच रन बनाकर आउट हुए। केरल के इस स्टार खिलाड़ी को सातवें ओवर में आउट कर दिया गया, जब उनका बल्ला श्रीलंका के ऑफ स्पिनर धनंजय डी सिल्वा की गेंद पर ऐज लगा बैठा।
सुनील गावस्कर ने कमेंट्री के दौरान कहा, "और इस बार, यह शॉर्ट थर्ड मैन के पास लीडिंग ऐज लगा। वह इतने अच्छे खिलाड़ी हैं। संजू सैमसन में बहुत प्रतिभा है लेकिन उनका शॉट चयन कभी-कभी उन्हें निराश कर देता है। और यह एक और अवसर है जहां इसने निराश किया है।"
सैमसन पर टीम मैनेजमेंट कंसिस्टेंसी के बहाने ही स्क्वॉड से बाहर रखता है। सभी चाहते हैं कि सैमसम को फेयर चांस मिले। इस बीच, भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर चाहते हैं कि सैमसन अपने अवसरों को भुनाएं। मैच के बाद ब्रॉडकास्टर के लाइव शो के दौरान गंभीर ने कहा, "हम सभी इस बारे में बात करते हैं कि उसके पास कितनी प्रतिभा है लेकिन उसे इन अवसरों को भुनाने की जरूरत है।"
वैसे केवल सैमसन ही फ्लॉप नहीं रहे बल्कि सूर्यकुमार यादव, शुबमन गिल जैसे इन-फॉर्म भी नहीं चल पाया। ये टीम इंडिया का 2023 का पहला असाइनमेंट था जिसमें हार्दिक पांड्या की अगुवाई वाली टीम ने 162/5 का सम्मानजनक स्कोर दर्ज किया, क्योंकि ढहते विकेटो के बीच दीपक हुड्डा ने 23 गेंदों पर नाबाद 41 रन बनाए। हुड्डा ने अक्षर के साथ छठे विकेट के लिए 68 रनों की साझेदारी पूरी की लेकिन अगर हुड्डा भारतीय पारी के बचाव में नहीं आते तो टीम इंडिया के लिए स्थिति और भी खराब हो सकती थी।
राहत की बात रही कि भारतीय गेंदबाजों ने कुल स्कोर का बचाव करने में कामयाबी हासिल की, जिसमें डेब्यूटेंट शिवम मावी ने चार ओवर में 22 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि उनके साथी युवा पेसर उमरान मलिक और हर्षल पटेल ने दो-दो विकेट लिए। लेकिन यह मेन इन ब्लू के लिए एक ठोस जीत नहीं थी क्योंकि उन्हें आखिरी गेंद तक इंतजार करना पड़ा और भारतीय स्पिनर विकेटों के लिए संघर्ष कर रहे थे। अब टीम अगले मुकाबले में ये सब सुधारना चाहेगी।












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