चोट लगी, खून बहा, मगर जज्बा न डगमगाया, दर्द में भी देश के लिए डटे रहे ये शेर! लिस्ट में शामिल कई दिग्गज
IND vs ENG 5th Test Day 5: भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में खेले गए पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में शानदार जीत दर्ज की। टीम इंडिया ने इंग्लैंड को छह रन से हराया। भारत ने इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रन का लक्ष्य दिया था। जवाब में इंग्लिश टीम 367 रन पर ही सिमट गई। पांचवें दिन का खेल जब शुरू हुआ, तब इंग्लैंड को सिर्फ 35 रन की जरूरत थी और भारत को चार विकेट चाहिए थे।
शुभमन गिल ने रचा इतिहास (IND vs ENG 5th Test Day 5)
ऐसे में मोहम्मद सिराज ने कमाल की गेंदबाजी की और तीन विकेट झटके। उन्होंने पारी में कुल 5 विकेट लिए। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा ने भी अहम भूमिका निभाई और 4 विकेट अपने नाम किए। एक विकेट आकाश दीप को मिला। इस जीत के साथ सीरीज 2-2 की बराबरी पर खत्म हुई। खास बात ये रही कि इस बार टीम की कप्तानी शुभमन गिल ने की और एक युवा टीम ने मैदान में इतिहास रच दिया।

चोटिल होकर भी लड़े पंत
इस मुकाबले में इंग्लैंड के ऑलराउंडर खिलाड़ी क्रिस वोक्स चोटिल होने के बाद बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरे। इस सीरीज में क्रिस वोक्स से पहले भारत के लिए ऋषभ पंत यह कमाल कर चुके हैं। ऋषभ पंत को मैच के दौरान क्रिस वोक्स की गेंद पैर की उंगलियों पर लग गई, जिससे उनकी एक उंगली फ्रैक्चर हो गई। डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी, लेकिन पंत ने दर्द की परवाह किए बिना अगली सुबह मैदान में उतरकर अर्धशतक लगाया और देश के लिए लड़ते रहे।
मैल्कम मार्शल ने किया था कमाल
इस तरह की घटनाएं क्रिकेट इतिहास में कई बार देखने को मिली हैं। 1984 में मैल्कम मार्शल ने हाथ में फ्रैक्चर होने के बावजूद एक हाथ से बल्लेबाजी की और 7 विकेट लेकर अपनी टीम को जीत दिलाई। 2002 में अनिल कुंबले ने टूटे जबड़े के साथ गेंदबाजी की और ब्रायन लारा को आउट किया। उन्होंने खेल भावना की मिसाल कायम की।
टूटा हाथ लेकर मैदान पर उतरे थे ग्रीम स्मिथ
2009 में ग्रीम स्मिथ टूटा हाथ लेकर मैदान पर उतरे ताकि टीम के लिए एक विकेट और खड़ा रह सकें। 2018 के IPL फाइनल में शेन वॉटसन ने घुटने से खून बहते हुए 80 रन बनाए। रोहित शर्मा ने टूटे अंगूठे के बावजूद बांग्लादेश के खिलाफ 51 रन ठोके और टीम को जीत के करीब ले गए।
टूटे जबड़े के साथ खेले कुंबले
भारत के पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले सिर्फ अपनी गेंदबाजी के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी हिम्मत और जज्बे के लिए भी जाने जाते हैं। साल 2002 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एंटीगुआ टेस्ट मैच के दौरान, उन्हें मर्विन डिलन की बाउंसर सीधे चेहरे पर लगी, जिससे उनका जबड़ा टूट गया। चेहरा खून से भर गया था, लेकिन इसके बावजूद कुंबले ने हार नहीं मानी।
टीम को जब उनकी जरूरत थी, वे चेहरे पर पट्टी बांधकर मैदान पर गेंदबाजी करने उतरे। उन्होंने लगातार 14 ओवर फेंके और वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा को आउट भी किया। यह घटना आज भी क्रिकेट इतिहास की सबसे बहादुरी भरी मिसालों में गिनी जाती है। इसके अलावा शिखर धवन, गैरी कर्स्टन, तमीम इकबाल, नाथन लायन और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों ने भी अपने देश के लिए इस तरह की पारी खेली है।












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