खेल सुधारने में किस चीज से मिली सबसे ज्यादा मदद, 'प्लेयर ऑफ सीरीज' पुजारा ने किया खुलासा

टीम से बाहर होने के बाद चेतेश्वर पुजारा ने कमरतोड़ मेहनत की और भारतीय टीम में ऐसी वापसी की कि वे बांग्लादेश के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई टेस्ट सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए।

Cheteshwar Pujara

भारत के चेतेश्वर पुजारा उन खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़े उदाहरण हैं जो खराब दौर के बाद टीम में वापसी की राह देख रहे हैं। पिछले कुछ सालों अपने मानकों के मुताबिक परफॉर्म नहीं कर पा रहे पुजारा को अजिंक्य रहाणे के साथ टीम से बाहर कर दिया गया था जिसके बाद उन्होंने कमरतोड़ मेहनत की और भारतीय टीम में ऐसी वापसी की कि वे बांग्लादेश के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई टेस्ट सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए।

पुजारा ने इस दौरान चार पारियों में 55.5 के अच्छे स्ट्राइक रेट के साथ 222 रन बनाए जिसमें उनका औसत 74 रहा। इस दौरान पुजारा ने 1 शतक और 1 अर्धशतक भी लगाया। पुजारा ने ना केवल वापसी की है बल्कि अपने खेल के नेचर को भी बदला है क्योंकि उन्होंने पहले टेस्ट मैच में भारत की दूसरी पारी में मात्र 130 गेंदों पर ही नाबाद 102 रन बनाए थे। भारत ने सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच आज जीत लिया है जिसके चलते यह श्रंखला 2-0 से भारत के पक्ष में समाप्त हो चुकी है।

पुजारा ने प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने जाने के बाद कहा कि यह सीरीज काफी चुनौतीपूर्ण रही। मैंने अपने खेल में वापसी के लिए बहुत कठिन मेहनत की है। बहुत सारे फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं और अपने खेल पर काफी काम किया है और इसी वजह से मुझे यहां पर रन करने में मदद मिली है। कभी-कभी टेस्ट मैचों के बीच में ठीक-ठाक समय मिल जाता है जिससे आपको तैयारियां करने का वक्त भी मिल जाता है। बता दें चेतेश्वर पुजारा काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए भी गए थे जहां पर उन्होंने ढेरों रन बनाए और 50 ओवर के फॉर्मेट में भी तेज बल्लेबाजी करने में कामयाब रहे जिसका फायदा उन्हें मिला है।

पुजारा अपनी वापसी के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट को कुंजी मानते हैं और कहते हैं कि अपने खेल को सुधारने के लिए फर्स्ट क्लास बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल सुधारने में मदद करता है। आपको मानसिक तौर पर तैयार होना पड़ता है और मेरा मानना है कि अगर आप मानसिक तौर पर मजबूत हैं, आपकी तैयारियां बढ़िया हैं तो आपको दिक्कत नहीं आएगी। पुजारा 1 महीने बाद 35 साल के हो जाएंगे और वे अपने टेस्ट करियर में 100 मैच खेलने से केवल दो ही मुकाबले दूर है।

भारत को अब अपने घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज खेलनी है जो टीम इंडिया के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप खेलने के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होगी। इस श्रंखला में पुजारा का प्रदर्शन उनके और भारतीय टीम के लिए भी काफी महत्वपूर्ण होने जा रहा है। पुजारा ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करके अपने टेस्ट करियर में 7000 रनों का आंकड़ा भी पार कर लिया है। उन्होंने 3 साल से भी ज्यादा गैप के बाद टेस्ट शतक लगाने में भी कामयाबी हासिल की थी। उम्मीद करते हैं कि पुजारा का रनों का सिलसिला आगे बढ़ता जाएगा और वे अभी कुछ साल और टेस्ट क्रिकेट में भारतीय क्रिकेट को अपनी सेवाएं दे पाएंगे।

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