तरीके बहुत हैं ऐसी पिचों पर भी रन बनाने के, रोहित ने बताया गेंदबाजों को तितर-बितर करने का प्लान
रोहित शर्मा ने जिस अंदाज में नागपुर में शतक लगाया उसने पहले जडेजा और फिर पटेल को भी बताया इन पिचों पर कैसे बनते हैं। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ये सीख नहीं पाई और ढेर हो गई।

Nagpur Test में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को बुरी तरह से रौंद दिया है। मेहमान टीम जिस शोर-शराबे के बीच स्पिन की तैयारी कर रही थी उसने जितनी चर्चाएं बटोरी उससे उम्मीद जगी थी कि टर्निंग ट्रैक पर दोनों टीमों के बीच बढ़िया टक्कर देखने को मिलेगी लेकिन कंगारू एकदम चूहे साबित हुए और उनके लिए अब फिर से वापसी की छलांग इतनी आसान नहीं होने जा रही है। दूसरी ओर, भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में एक बड़ा मैच जीता है। जब से रोहित टेस्ट कप्तान बने हैं दो ही मैच इस फॉर्मेट में खेल पाए हैं। वे फिटनेस, चोट और दुर्भाग्य से जूझते रहे लेकिन इस सीरीज में सभी भरपाई का मौका है।

सीरीज की शुरुआत बढ़िया रही
हिटमैन की शुरुआत जोरदार हुई है जिन्होंने भारत को पहला मैच एक पारी और 132 रनों से जिताने में भी बड़ा योगदान दिया। वे कप्तान के तौर पर मुस्तैद थे और बल्लेबाज के तौर पर चौकस। तभी तो जिस पिच पर स्मिथ-कोहली, लाबुशेन-पुजारा जैसे ठोस बल्लेबाज फेल हो रहे थे तब रोहित ने 120 रनों की बेजोड़ पारी खेली। एक बार भी वे ये दिखाते नहीं दिखे कि पिच बहुत मुश्किल है। इस पिच पर फिर कप्तान के साथ रवींद्र जडेजा ने बेहतरीन साझेदारी की और अक्षर पटेल ने भी इनके कदमों पर चलकर 84 रन बनाए। रोहित को इस जीत से टेस्ट कप्तान के तौर पर बहुत चैन मिलेगा और आने वाले तीन मैचों के लिए कॉन्फिडेंस भी। उन्होंने मैच के बाद खुशी जाहिर है कि सीरीज की शुरुआत बढ़िया रही और वे टीम की जीत में योगदान कर पाए।

गेंदबाज को सेटल नहीं होने देना है
रोहित का टेस्ट कप्तानी का सफल पुराना है लेकिन जैसा कि उन्होंने बताया कि इंग्लैंड में कोविड, साउथ अफ्रीका में चोट, फिर बांग्लादेश में अंगूठे की अजीब चोट विलेन बनकर उभरी। लेकिन अब वे तैयार थे। रोहित ने इतनी आसानी से कैसे खेला इस पर वे कहते हैं, मैं मुंबई में टर्निंग विकेटों पर खेलते हुए बढ़ा हुआ हूं। पिछले कुछ सालों से ऐसी पिचों भारत में हमने खेला है जहां आपको खुद को एप्लाई करना होता है और स्कोर करने के लिए किसी प्लान का होना भी जरूरी है। आपको लीक से हटकर जाना होगा। हर किसी का इसके लिए अपना तरीका होता है। आपको गेंदबाज को 6 गेंद एक ही टप्पा पर डालने के लिए सेट नहीं करना है। चाहे स्वीप कीजिए या रिवर्स स्वीप, ऊपर से उठाकर मारो या पैरा का इस्तेमाल करो। सबका अपना स्टाइल है जिससे गेंदबाज को सेटल नहीं होने देना है।

इस पिच पर यही तरकीब अपनाई
रोहित ने बताया कि उन्होंने भी इस पिच पर यही तरकीब अपनाई। आप किसी को मत देखिए बल्कि अपने आप में देखिए कि ऐसी पिचों पर गेंदबाजों को तितर-बितर करने के लिए आपके पास क्या है। उसी के हिसाब से प्लान बनाएं।
रोहित कहते हैं जब स्पिन के लिए मददगार दिख रही पिच पर तेज गेंदबाज ऐसी शुरुआत दिलाते हैं जैसी सिराज और शमी ने पहली पारी में दिलाई तो हौसला बुलंद हो जाता है। रोहित कहते हैं सिर्फ स्पिनर ही नहीं बल्कि तेज गेंदबाज भी इस पिच पर घातक हो सकते हैं। हमारे पास इन हालातों का इस्तेमाल करने के लिए शमी और सिराज जैसे जानकार गेंदबाज हैं जो बहुत अच्छी फॉर्म में भी चल रहे हैं। इन दोनों पहली पारी में ओपनरों को चलता करके विपक्षियों को दबाव में डाल दिया। फिर हम जानते थे कि हमारे पास किस क्वालिटी की स्पिन बॉलिंग हैं।
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