'मेरा बेटा कब तक बेइज्जती बर्दाश्त करता,' अश्विन के पिता ने किया सबसे बड़ा खुलासा, बताया रिटायरमेंट का कारण

भारत के दिग्गज क्रिकेटरों में से एक माने जाने वाले रविचंद्रन अश्विन ने एक दिन पहले अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने का फैसला किया, इस फैसले ने कई लोगों को चौंका दिया, जिसमें उनका अपना परिवार भी शामिल है।

उनके पिता रविचंद्रन ने CNN News18 के साथ एक स्पष्ट साक्षात्कार में इस अचानक फैसले के पीछे संभावित कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अनुमान लगाया कि बेटे का लगातार हो रहा अपमान संन्यास का एक अहम कारण हो सकता है।

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अश्विन के पिता ने कहा कि रिटायर होना अश्विन का फैसला था और मैं इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। जिस तरह यह संन्यास लिया गया है, इसमें कुछ कारण रहे होंगे, शायद बेइज्जती भी। मुझे भी रिटायरमेंट के बारे में अंतिम समय में ही पता चला।

अश्विन के पिता ने यह भी कहा कि उसके दिमाग में क्या चल रहा था मुझे नहीं पता। उन्होंने घोषणा की है। मैंने भी इसे पूरी खुशी से स्वीकार किया। लेकिन जिस तरह से उन्होंने अपना संन्यास लिया, एक तरफ तो मैं बहुत खुश था, दूसरी तरफ नाखुश भी था क्योंकि उन्हें खेलना जारी रखना चाहिए था।

आगे उन्होंने कहा कि परिवार संन्यास के फैसले से भावुक है, इसमें कोई संदेह नहीं है। अचानक हुस इस बदलाव ने हमें झटका दिया है। हमें इसकी उम्मीद तो थी क्योंकि अश्विन का अपमान हो रहा था। यह सब कब तक सहन कर सकेगा। उन्होंने खुद ही यह फैसला लिया होगा।

अश्विन के शुरुआती दिनों को याद करते हुए उनके पिता ने कहा कि मैं उसको बाइक पर ले जाकर छोड़ता था। मैंने उसे क्रिकेट और पढ़ाई दोनों के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा उसके खेल में ज्यादा शामिल नहीं हुआ। पढ़ाई और खेल दोनों पर ध्यान देने की बात करने के अलावा मैं कुछ नहीं कहता था।

गौरतलब है कि अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूप में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया और बेहतरीन प्रदर्शन किया। वह 765 विकेट लेने में सफल रहे।

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