टीम इंडिया के खिलाड़ियों की नींद उड़ा देगा हेड कोच गौतम गंभीर का पहला संदेश, अब नहीं चलेगी किसी की मनमानी!
गौतम गंभीर ने भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में अपनी नियुक्ति के दौरान टीम के लिए एक स्पष्ट और सीधा संदेश दिया। गंभीर ने चोट और वर्कलोड मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित करते हुए तीनों फॉर्मेट में खेलने के महत्व पर जोर दिया। गंभीर के संदेश के बाद उन खिलड़ियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी जोकि सिर्फ टी-20 और वनडे क्रिकेट पर ज्यादा फोकस करते हैं।
तीनों फॉर्मेट में खेलने पर जोर
गंभीर का दृष्टिकोण स्पष्ट था और उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को टीम के सर्वोत्तम हित में सही काम करने की आवश्यकता होगी। गंभीर ने भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में अपनी नियुक्ति के दौरान टीम के लिए एक स्पष्ट और सीधा संदेश दिया है। गंभीर ने चोट और वर्कलोड मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित करते हुए तीनों फॉर्मेट में खेलने के महत्व पर जोर दिया।

अब नहीं चलेगी खिलाड़ियों की मनमानी
गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में स्पष्ट किया कि, 'चोटें खिलाड़ियों के जीवन का हिस्सा हैं। और अगर आप तीनों फॉर्मेट में खेल रहे हैं, तो आप चोटिल हो जाते हैं, आप वापस जाकर ठीक हो जाते हैं, लेकिन आपको तीनों फॉर्मेट में खेलना चाहिए। मैं लोगों को यह बताने में विश्वास नहीं करता कि ठीक है, हम उसे टेस्ट मैचों के लिए रखेंगे और हम उसे रखेंगे और हम उसकी चोट और वर्कलोड आदि को मैनेज करेंगे।'
तीनों फॉर्मेट में खेलने की कही बात
गंभीर ने बताया कि, 'देखिए प्रोफेशनल क्रिकेटरों, आपके पास बहुत कम समय होता है। जब आप अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं तो आप जितना हो सके उतना खेलना चाहते हैं। जब आप बहुत अच्छे फॉर्म में होते हैं, तो आगे बढ़ें और तीनों फॉर्मेट में खेलें।'
व्यक्तिगत हितों को करना होगा किनारे
गंभीर ने जोर देते हुए कहा कि, खिलाड़ियों को व्यक्तिगत हितों से ज्यादा टीम के हितों पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि, एक ही संदेश है कि ईमानदारी से खेलने की कोशिश करें। जितना हो सके अपने पेशे के प्रति ईमानदार रहें। सभी परिणाम आपके सामने होंगे। जब मैंने बल्ला उठाया, तो मैंने कभी परिणामों के बारे में नहीं सोचा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा करूंगा।
उन्होंने आगे कहा कि, मैं इतने रन बनाना चाहता हूं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि मुझे अपने पेशे के प्रति जितना हो सके उतना ईमानदार रहना चाहिए। कुछ सिद्धांतों पर जिएं, कुछ मूल्यों पर जिएं, सही चीजें करने की कोशिश करें और कोशिश करें कि चीजें करें, भले ही आपको लगे कि पूरी दुनिया आपके खिलाफ है। लेकिन आपका दिल मानता है कि आप टीम के सर्वोत्तम हित के लिए सही काम कर रहे हैं।'
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गंभीर ने अपने आक्रामक अंदाज पर भी दिया बयान
गंभीर ने कहा कि, 'चाहे मैं क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक रहा हूं, चाहे मेरा लोगों से टकराव हुआ हो, बस इसलिए क्योंकि यह सब टीम के हित में था। कोशिश करो और ऐसा करो क्योंकि, आखिरकार, यह टीम है जो मायने रखती है, कोई व्यक्ति नहीं। इसलिए वहां जाओ और केवल एक ही चीज़ के बारे में सोचो और जिस भी टीम के लिए खेलो, अपनी टीम को जिताने की कोशिश करो। क्योंकि यही टीम के खेल की मांग है। यह कोई व्यक्तिगत खेल नहीं है जहां आप अपने बारे में सोचते हैं। यह एक टीम खेल है जहां टीम पहले आती है, आप शायद पूरी लाइन अप में सबसे आखिर में आते हैं।'












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