Birthday special: आज धोनी-विराट जैसे धुरंधरों में होती इस खिलाड़ी की गिनती, एक गलती से तबाह हुआ पूरा करियर
Happy Birthday Ambati Rayudu: भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी अंबाती रायुडू का नाता खेल से ज्यादा विवादों से रहा है। 23 सितंबर 2024 को अंबाती रायुडू अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। अंबाती रायुडू ने लंबे समय तक भारत के लिए नंबर चार की पोजिशन पर कई यादगार पारी खेली थी। साल 2019 वनडे वर्ल्ड कप से पहले तक रायडू टीम के अहम खिलाड़ी थे। लेकिन वर्ल्ड कप में उनका चयन नहीं किया गया, जिसके बाद से ही विवादों ने जन्म ले लिया।
भारत के लिए ऐसा रहा करियर
अंबाती रायुडू का जन्म 23 सितंबर 1985 को भारत के आंध्र प्रदेश के गुंटूर में एक कापू परिवार में हुआ था। भारत के सबसे बड़े बल्लेबाजों में गिनती होने वाले रायुडू का इंटरनेशनल करियर सिर्फ 6 सालों में ही खत्म हो गया। अंबाती रायडू ने साल 2013 में भारत के लिए डेब्यू किया था। 55 मैच के वनडे करियर में उन्होंने 47 की औसत से 1694 रन बनाए। इसमें 3 शतक और 10 अर्धशतक भी हैं। 6 टी20 मैच में भारत के लिए रायडू ने 42 रन बनाए। इसके अलावा हैदराबाद, बड़ौदा, विदर्भ और आंध्र प्रदेश सहित विभिन्न घरेलू टीमों के साथ-साथ मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के साथ आईपीएल में भी रायडू अपना दमखम दिखा चुके हैं।

बीसीसीआई के खिलाफ विद्रोह
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के खिलाफ अंबाती रायडू लगातार अपना गुस्सा जाहिर करते रहते हैं। साल 2019 वर्ल्ड कप में चयन नहीं होने से दुखी रायडू ने कुछ ऐसा किया था जिस पर किसी को भी यकीन नहीं हुआ। 2019 के दौरान भारतीय टीम में चयन न होने से नाराज होकर उन्होंने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी थी। उन्होंने यह फैसला तब लिया जब वह अपने करियर के पिक पर थे।
संन्यास से वापस लिया था नाम
साल 2019 से पहले अंबाती रायुडू को साल 2015 विश्व कप टीम में भी जगह दी गई थी। लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। 2019 में रिटायरमेंट लेने के बाद उन्होंने एक बार फिर वापसी की। अंबाती रायुडू ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन को लिखे मेल में कहा था कि मैं अंबाती रायुडू खुद के बारे में इस बात की ओर आपका ध्यान खींचना चाहता हूं कि मैं संन्यास से वापस आ रहा हूं और तीनों फॉर्मेट में खेलने के लिए तैयार हूं। ये बात अलग है कि इसके बाद फिर कभी रायडू की भारतीय टीम में वापसी नहीं हो पाई।
छोटी उम्र से ही रही है क्रिकेट में दिलचस्पी
छोटी उम्र से ही अंबाती रायडू की दिलचस्पी क्रिकेट की तरफ झुक गई थी। साल 2002 में इंग्लैंड के दौरे पर महज 16 साल की उम्र में उन्होंने नाबाद 177 रन बनाए, जिससे भारत की अंडर-19 टीम को इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत मिली। इस प्रदर्शन ने उन्हें देश भर के क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच चर्चा में ला दिया था। इसके बाद उन्होंने रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद के लिए एक ही मैच में दोहरा शतक और एक शतक बनाया, जिससे एक शानदार बल्लेबाज के रूप में उनकी पहचान मजबूत हुई।
गुस्सा बना रायडू का सबसे बड़ा दुश्मन
अंबाती रायडू के करियर को खत्म करने में उनके गुस्से का सबसे बड़ा योगदान रहा। अंबाती रायडू बीच मैच के दौरान कई बार अपना आपा खो चुके हैं। मुंबई की तरफ से आईपीएल में अपने ही सीनियर खिलाड़ी हरभजन सिंह से उनकी बहस हो गई थी।
इसके अलावा हैदराबाद के कोच राजेश यादव के साथ विवाद और हैदराबाद के खिलाड़ी अर्जुन यादव के साथ झड़प के बाद उन्हें बैन भी कर दिया था। इसके बाद साल 2009 में बीसीसीआई से माफ़ी मांगने के बाद रायुडू को घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में नए मौके मिले। 2010 में 12 लाख रुपये में मुंबई इंडियंस की टीम में शामिल होने से उनके सफल आईपीएल करियर की शुरुआत हुई, जहां उन्होंने कई मैच जीतने वाले प्रदर्शन किए।












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