Explained: पर्थ टेस्ट में जसप्रीत बुमराह को क्यों बनाया भारत का कप्तान? कोहली हैं उनसे सीनियर
India vs Australia: टीम इंडिया 22 नवंबर को पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में शुरू होने वाली पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के शुरुआती टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का सामना करने के लिए तैयार है। यह सीरीज़ भारत के लिए एक महत्वपूर्ण है, खासकर न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-3 से टेस्ट सीरीज़ में मिली निराशाजनक हार के बाद इस पर नजरें ज्यादा हैं।
प्रशंसक इस महत्वपूर्ण सीरीज़ में रोहित शर्मा की कप्तानी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि भारत की 2025 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फ़ाइनल में जगह बनाने की उम्मीदें अधर में लटकी हुई हैं। हालाँकि रोहित की अनुपस्थिति में जसप्रीत बुमराह पहले टेस्ट के लिए कप्तान की भूमिका निभाएंगे।

मीडिया से बातचीत में बुमराह ने खुलासा किया, "मैंने रोहित से बात की थी लेकिन जब हम यहां (ऑस्ट्रेलिया) आए, तो मुझे थोड़ी और स्पष्टता मिली क्योंकि वह (रोहित) भी उस समय खेलने के बारे में सुनिश्चित नहीं थे। लेकिन हां, जब मैं यहां आया, तो कोच (गौतम गंभीर) और प्रबंधन ने मुझे स्पष्ट बताया कि मैं इस गेम में नेतृत्व करूंगा।"
सीरीज की शुरुआत से काफी पहले भारतीय टीम के कई खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। 11 नवंबर लो ही टीम इंडिया के खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया चले गे थे। रोहित शर्मा टीम के साथ नहीं गए थे। उनकी अनुपस्थिति में कप्तान बनाने के लिए विराट कोहली की मांग हो रही थी लेकिन जिम्मा बुमराह को मिला।
बुमराह को यह जिम्मेदारी देने के पीछे कारण है उनका उपकप्तान होना। जिस टीम में उपकप्तान होता है, वही टीम के मुख्य कप्तान की अनुपस्थिति में कमान संभालना है। अगर बुमराह उपकप्तान नहीं होते, तो सीनियर खिलाड़ी होने के नाते कोहली को कमान थमाई जा सकती थी। यही कारण है कि कप्तानी बुमराह के पास है। रोहित शर्मा पर्थ टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया पहुँच जाएंगे लेकिन मुकाबले में नहीं खेल पाएंगे, वह 24 नवंबर तक पर्थ पहुंच सकते हैं।












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