धोनी बॉलिंग में भी माहिर, इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका पहला विकेट कौन ?
महेंद्र सिंह धोनी ने अपना पहला शिकार किसे बनाया था, इसे लेकर चर्चा होती रहती है। पीटरसन ने इस बहस को जन्म दिया है।

महेन्द्र सिंह धोनी के IPL से रिटायर होने की चर्चा ने क्रिकेट प्रशंसकों को इमोशनल कर दिया है। यहां तक कि भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर भी भावुक हो गये। भारतीय क्रिकेट को ऊंचाई पर पहुंचाने में महेन्द्र सिंह धोनी का योगदान अविस्मरणीय है। वे खूबियों की खान हैं। तेज दिमाग कप्तान, पावर हिटर बैट्समैन, फुर्तीले विकेटकीपर, डीआरएस के मास्टर और सबसे बढ़ कर बेहत शांत खिलाड़ी। बल्लेबाजी और विकेकीपिंग में धोनी के रिकॉर्ड्स से तो सभी वाकिफ हैं लेकिन आज उनके बॉलिंग स्किल पर बात होगी जिसकी शायद ही कभी चर्चा होती है। धोनी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में एक विकेट भी लिया है। कौन है वह बल्लेबाज जिसका विकेट धोनी ने लिया था ?
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नेट प्रैक्टिस में अक्सर बॉलिंग करते थे धोनी
धोनी की कई छिपी हुई खूबियों में एक गेंदबाजी भी है। उनको गेंदबाजी कला भी मालूम है। लेकिन विकेटकीपिंग के कारण वे इसे निखार नहीं पाये। हां, वे अपनी इस प्रतिभा का इस्तेमाल अक्सर नेट प्रैक्टिस में करते रहे हैं। जब बल्लेबाजों को ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों पर अभ्यास करना होता है तब धोनी खुद अपनी टीम के खिलाड़ियों को बॉलिंग करते थे। 2018 में जब भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के दौरे पर जाने की तैयारी कर रही थी तब धोनी भारतीय बल्लेबाजों के लिए नेट बॉलर बन गये थे। (धोनी 2019 तक भारत के लिए वनडे और टी-20 खेले थे) । उन्होंने विराट कोहली को ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों पर अभ्यास कराया था। बहुत कम गेंदबाजी करने के बावजूद धोनी का गेंद की लाइन पर अद्भुत नियंत्रण था। उस समय कोहली बाहर जाती गेंदों पर अक्सर विकेट गंवा देते थे।
2009 की चैंपियंस ट्रॉफी
धोनी ने वनडे और टेस्ट मैचों में गेदबाजी की है। उन्होंने वनडे इंटरनेशनल में एक विकेट भी लिया है। यह दुर्लभ उपल्ब्धि उन्होंने 2009 के चैंपियंस ट्रॉफी में हासिल की थी। उन्होंने वेस्टइंडीज के ट्रेविस डाउलिन को बोल्ड कर अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय विकेट लिया था। 2009 की चैंपियंस ट्रॉफी दक्षिण अफ्रीका में खेली गयी थी। प्रतियोगिता का बारहवां मैच भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया था। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी की। लेकिन उसकी बल्लेबाजी लड़खड़ा गयी और पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पायी। उसके 8 ओवर में 27 रन पर 3 विकेट गिर चुके थे। उस समय भारतीय टीम में दो विकेटकीपर बल्लेबाज खेल रहे थे। महेन्द्र सिंह धोनी तो कप्तान थे उनके अलावा दिनेश कार्तिक भी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे। जब आठवां ओवर ख्तम हुआ तो अचानक धोनी ने अपने दस्ताने और पैड उतार कर कार्तिक को सौंप दिये। कार्तिक ने जब कीपिंग का मोर्चा संभाल लिया तो धोनी खुद गेंद लेकर आगे बढ़ गये।
धोनी का पहला अंतर्राष्ट्रीय विकेट
धोनी रन अप पर पहुंचे। उनके सामने थे वेस्ट इंडीज के बल्लेबाज ट्रेविस डाउलिन। धोनी ने पहले ओवर में ही कमाल कर दिया। उनकी एक गेंद स्किड हो कर ट्रेविस के बल्ले से लगी और अंदरूनी किनारा लेकर विकेट में समा गयी। ट्रेविस बोल्ड आउट हो गये। फिर तो धोनी हाथ उठा कर पहला अंतर्राष्ट्रीय विकेट लेने का सेलिब्रेशन करने लगे। धोनी ने कुल दो ओवर किये थे जिसमें 14 रन देकर 1 विकेट लिया था। इस मैच में आशीष नेहरा और प्रवीण कुमार ने 3-3, हरभजन सिंह ने 2, धोनी और अमित मिश्रा ने 1-1 विकेट लिया था। वेस्ट इंडीज की टीम भारत की सधी हुई गेंदबाजी के आगे 36 ओवर में ही 129 पर ढेर हो गयी थी। भारत ने दिनेश कार्तिक के 34 और कोहली के नाबाद 79 रनों की बदौलत यह मैच 7 विकेट से जीत लिया था।
जब टेस्ट विकेट मिलते मिलते रह गया
2011 में धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर गयी थी। लॉर्ड्स के पहले टेस्ट में इंग्लैंड के बल्लेबाज जम कर खेलने लगे। इंग्लैंड का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 219 रन पहुंच गया था। भारत के नियमित गेंदबाज बेअसर हो रहे थे। तब धोनी ने अचानक एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपने दस्ताने और पैड राहुल द्रविड़ को थमाये और खुद बॉलिंग के लिए आगे बढ़ गये। 79 ओवर पूरे हो चुके थे। 80 ओवर के बाद भारत को नयी गेंद लेना था। तब कप्तान धोनी 80वां ओवर डाल रहे थे। उनके सामने थे केविन पीटरसन जो 73 रनों पर खेल रहे थे। धोनी की एक गेंद पिटरसन के पैड को छूती हुए विकेटकीपर राहुल द्रविड़ के दस्ताने में समा गयी। एलबीडब्ल्यू की जोरदार अपील हुई। अंपायर बिली बॉडन ने पीटरसन को आउट करार दिया। लेकिन पिटरसन ने अंपायर के इस फैसले पर रिव्यू ले लिया। रिव्यू के बाद फैसला पलट गया और पीटरसन आउट होने से बच गये। इस तरह धोनी को एक टेस्ट विकेट मिलते मिलते रह गया। बाद में पीटरसन ने इस मैच में नाबाद 202 रन बनाये थे। भारत यह टेस्ट मैच हार गया था। पहली पारी में धोनी का बॉलिंग विश्लेषण था- 8 ओवर, 1 मेडन, 23 रन और कोई विकेट नहीं।












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