क्रिकेटर पिता की मौत बनी अनसुलझी गुत्थी, मैदान पर उतरते ही बेटे ने रचा इतिहास, 135 साल में पहली बार हुआ ऐसा
Corbin Bosch News: साउथ अफ्रीकी टीम इस समय टेस्ट क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की रेस में साउथ अफ्रीका की टीम सबसे आगे है। साउथ अफ्रीकी ने अब तक खेले गए 10 टेस्ट मैचों में से 6 में जीत दर्ज की है। ऐसे में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की उनकी संभावनाएं काफी बढ़ गई है।
कॉर्बिन बॉश ने किया डेब्यू (Corbin Bosch News)
साउथ अफ्रीका मौजूदा समय में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल रही है। सीरीज के पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका की तरफ से युवा ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश के लिए यह डेब्यू मैच यादगार रहा है। कॉर्बिन बॉश ने पाकिस्तान के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट में अपना डेब्यू किया।

करियर की पहली गेंद पर झटका विकेट
इस टेस्ट में बॉश ने पहले ही दिन अपने करियर की पहली गेंद पर विकेट लेकर इतिहास रच दिया। वे ऐसे पहले साउथ अफ्रीकी क्रिकेटर बने जिन्होंने अपनी पहली गेंद पर विकेट लिया। सिर्फ गेंदबाजी में ही नहीं बॉश ने दूसरे दिन बैटिंग में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अर्धशतक जमाया और साउथ अफ्रीकी क्रिकेट के इतिहास में ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
गेंद और बल्ले से मचाया धमाल
कॉर्बिन बॉश ने अपनी टेस्ट करियर की पहली ही गेंद पर पाकिस्तान के कप्तान शान मसूद का विकेट लेकर इतिहास रच दिया। इस तरह वह बॉक्सिंग डे टेस्ट में डेब्यू करते हुए पहली गेंद पर विकेट लेने वाले साउथ अफ्रीका के पहले खिलाड़ी बन गए। 30 वर्षीय तूफानी पेसर ने 4 विकेट लेकर पाकिस्तान की टीम को बिखेर दिया। अगले दिन, बॉश ने बल्ले से भी कमाल दिखाया, 9वें नंबर पर आकर 93 गेंदों में 81 रन बनाए। इस तरह वह साउथ अफ्रीका के 135 साल के टेस्ट इतिहास में डेब्यू मैच में 4 विकेट और अर्धशतक बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने।
नहीं सुलझी है पिता की मौत की गुत्थी
कॉर्बिन बॉश के पिता टेरटियस बॉश्क भी एक क्रिकेटर रह चुके हैं। टेरटियस बॉश्क ने साउथ अफ्रीका के लिए क्रिकेट खेला है। लेकिन उनकी मौत आज भी एक अनसुलझी गुत्थी है। टेरटियस बॉश्क की मौत 33 साल की उम्र में फरवरी 2000 में हुई थी। हालांकि उनकी मौत के शुरुआती कारणों में यह पता चला कि वजह वायरल इंफेक्शन थी। लेकिन 18 महीने बाद उनकी बॉडी दोबारा निकाली गई ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि होने के बाद यह सवाल उठने लगा कि उस जहर को किसने और क्यों दिया? इसके बाद टेरटियस बॉश्क की बहन द्वारा अपनी भाभी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का मामला सामने आया। लेकिन उनकी मौत के पीछे की असली सच्चाई आज भी एक रहस्य बना हुआ है।












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