IND vs NZ: कैसे वॉशिंगटन सुंदर को टीम में लाना हुआ सही साबित? 3 साल रखा धांसू ऑलराउंडर को बाहर
IND vs NZ: भारतीय टीम के धाकड़ ऑल राउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने टेस्ट क्रिकेट में कमाल की वापसी की है। पुणे में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलते हुए वॉशिंगटन सुंदर ने अपनी गेंदबाजी से तहलका मचाते हुए कीवी टीम को चारों खाने चित कर दिया। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को पहली पारी में 259 रनों के स्कोर पर आउट कर दिया।
भारतीय टीम की गेंदबाजी के हीरो वॉशिंगटन सुंदर रहे। उन्होंने कुल 7 विकेट झटके। टेस्ट क्रिकेट में सुंदर ने पहली बार 5 विकेट हॉल लिया। इसी वजह से सुंदर को टीम में लाया गया था लेकिन यहाँ देरी काफी कर दी गई क्योंकि भारत के लिए सुंदर ने पिछला टेस्ट तीन साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।

बेंगलुरु टेस्ट में भारत की हार के बाद सुंदर की याद आई क्योंकि वह रणजी में धमाल मचा रहे थे। एक फिंगर स्पिनर की जरूरत महसूस होने पर तुरंत उनको टीम में लाया गया और यह फैसला सही साबित हुआ। यह गौतम गंभीर और रोहित शर्मा का एक स्मार्ट मूव था।
इसमें कोई शक नहीं है कि सुंदर एक बेहतरीन ऑल राउंडर हैं और घरेलू क्रिकेट में अपना जलवा दिखाते रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के गाबा टेस्ट में उन्होंने फिफ्टी जड़ी थी और 3 विकेट झटके थे। वहां टीम इंडिया ने जीत दर्ज की थी और वॉशिंगटन सुंदर को गाबा का हीरो कहा गया।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सुंदर ने 31 मैचों में 65 विकेट अपने नाम किये हैं और 1398 रन भी बनाए हैं। इस दौरान उनके नाम 2 शतकीय पारियां भी दर्ज हुई हैं। तीन साल बाद उनको टेस्ट टीम में लाने का फैसला सराहनीय है और यह उनकी गेंदबाजी में भी दिख गया। कीवी बल्लेबाजों को कुछ समझ नहीं आया कि वॉशिंगटन सुंदर को कैसे खेला जाए।
लम्बे समय तक उनको नज़रअंदाज नहीं किया जाना चाहिए था। अब तक वह भारतीय टीम में स्थायी स्पिनर के रूप में खेल रहे होते। खैर, देर आए दुरुस्त आए। पुणे में वॉशिंगटन सुंदर के ऊपर दूसरी पारी के दौरान भी नजरें रहने वाली हैं।












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