'वो बढ़िया प्रदर्शन के बाद भी ड्रॉप होता, फिर गुस्से में मुझसे बात नहीं करता था', भरत अरुण ने किया खुलासा
बढ़िया प्रदर्शन के बाद भी ड्रॉप होता रहा ये खिलाड़ी, आज भी जारी है ये सिलसिला, पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने किया खुलासा। 35 साल की उम्र में भी किसी ना किसी के लिए मौका बनाने में ही करियर निकल रहा है।

भारतीय क्रिकेट टीम का परिदृश्य पिछले कुछ सालों से ऐसा हो गया है कि यहां प्लेइंग इलेवन में लगातार जगह बना पाना बहुत ही मुश्किल हो गया है। इससे कई बार भेदभाव जैसी बातें भी उठी है जैसे विराट कोहली, रोहित शर्मा, के एल राहुल जैसे खिलाड़ियों की लगातार विफलता के बावजूद उनके कद को देखते हुए लगातार मौके दिए गए तो वहीं कई ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिनको 1-2 खराब प्रदर्शन के चलते बार-बार बाहर किया जाता रहा और कुछ ऐसे दुर्भाग्यशाली खिलाड़ी भी हैं जिनको परफॉर्मेंस करने के बावजूद प्लेइंग इलेवन में नहीं लिया गया।

अक्सर उनसे खफा और निराश रहता था
भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने एक ऐसे ही खिलाड़ी का नाम लिया है जो अक्सर उनसे खफा और निराश रहता था। ये खिलाड़ी आज 35 साल का हो चुका है उसके बावजूद यह समस्या अभी भी बनी हुई है कि वे लगातार टीम में अपने मौके हासिल नहीं कर पाते और यह कोई और नहीं बल्कि इंदौर टेस्ट मैच में बेहतरीन गेंदबाजी करने वाले उमेश यादव है। जब भरत भारत के गेंदबाजी कोच हुआ करते थे तब उनके सामने ईशांत शर्मा जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे दिग्गज तेज गेंदबाज मौजूद थे और उमेश यादव को बढ़िया बॉलिंग करने के बावजूद टीम से बाहर रहना पड़ता था।

अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भी लगातार ड्रॉप
इसके बाद भरत इस गेंदबाज का सामना कई बार नहीं कर पाते थे और उमेश यादव भी उनसे खफा रहते थे। अरुण ने ये सब बातें क्रिकबज के शो 'राइज ऑफ न्यू इंडिया' पर बताई कि कई ऐसे मौके होते थे जब बहुत अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद टीम से ड्रॉप हो जाते थे लेकिन फिर मुझे उन्हें बहुत ज्यादा समझाना पड़ता था। इसके बाद उमेश मेरे पास आते थे और कहते थे कि मुझे अपने क्यों बाहर किया? मैंने ऐसा क्या गलत कर दिया? तो यह काफी मुश्किल होता था क्योंकि आपके पास उस वक्त गेंदबाजी करने के लिए चौथे बॉलिंग विकल्प के तौर पर हार्दिक पांड्या भी मौजूद होते थे। फिर ईशांत, शमी और बुमराह के चलते उमेश को अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भी लगातार ड्रॉप किया जाता रहा।

'परफेक्ट मैन'
भरत अरुण कहते हैं कि उमेश चयन को लेकर हमेशा चयन को लेकर अक्सर परेशान रहते थे और जब उनको बाहर किया जाता था तो 1 दिन तक वे उनसे बात भी नहीं करते थे लेकिन बाद में उन्हें खुद वापस आते हैं और कहते कि वह हालातों को समझ सकते हैं कि उनको क्यों बाहर किया गया। इस बात पर अरुण उमेश को परफेक्ट मैन बताते हैं और कहते हैं कि मैं भी उनसे बोला करता था कि अगर आपको इन बातों पर गुस्सा नहीं आएगा तो फिर आप में कुछ गड़बड़ है। लेकिन क्या किया जा सकता है। आपको चीजों को स्वीकार करना होता है।












Click it and Unblock the Notifications