यशस्वी जायसवाल से पहले डेब्यू टेस्ट में शतक जड़ने वाले 10 भारतीय बल्लेबाज, जानिए आज क्या कर रहे हैं वो
यशस्वी जयसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान डेब्यू करते हुए पहली टेस्ट पारी में ही अपना शतक जड़ दिया है। यशस्वी जयसवाल ऐसा करने वाले तीसरे ओपनिंग बल्लेबाज बने हैं। इससे पहले पृथ्वी शा और शिखर धवन ऐसा कर चुके हैं।
टेस्ट डेब्यु करते हुए शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की लिस्ट काफी लंबी है। आइए देखते हैं, यशस्वी जायसवाल से पहले टेस्ट डेब्यू में शतक लगाने वाले पिछले 10 भारतीय बल्लेबाज कौन हैं, और आज वह क्या कर रहे हैं। (Image- Instagram)

श्रेयस अय्यर- श्रेयस अय्यर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2021 में कानपुर में शतक लगाते हुए 105 रन बनाए थे। श्रेयस अय्यर करीब 6 महीने से भारतीय क्रिकेट से बाहर हैं और अपनी कमर की चोट के बाद रिहैबिलिटेशन कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि यह खिलाड़ी अब नेट में वापस लौट आया है और उन्होंने हाल ही में बल्लेबाजी करते हुए वीडियो भी पोस्ट की है।
पृथ्वी शॉ- दाएं हाथ के इस ओपनिंग बल्लेबाज ने 2018 में राजकोट में वेस्टइंडीज के खिलाफ 134 रन बनाए थे। पृथ्वी शा तब से लेकर अब तक भारतीय क्रिकेट टीम में अंदर-बाहर होते रहे हैं और फिलहाल वे दिलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन की ओर से खेल रहे हैं।
रोहित शर्मा- रोहित ने 2013 में कोलकाता में वेस्टइंडीज के ही खिलाफ 177 रनों की पारी खेली थी। रोहित आज भारतीय क्रिकेट टीम के तीनों फॉर्मेट के कप्तान हैं और इस समय वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टेस्ट मैच में कप्तानी कर रहे हैं।
शिखर धवन- बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में 2013 में 187 रनों की पारी खेली थी। शिखर धवन इस समय भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर है लेकिन जब सीनियर खिलाड़ी मौजूद नहीं होते हैं तब शिखर धवन को सफेद गेंद फॉर्मेट में एक कप्तान के तौर पर अभी भी चुना जाता है। बाएं हाथ का बल्लेबाज चयन के लिए उपलब्ध है और इस साल होने वाली एशियन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम की कप्तानी करने की पूरी उम्मीद है।
सुरेश रैना- बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 2010 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में 120 रनों की पारी खेली थी। सुरेश रैना 2020 में क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वे अब एक खेल विश्लेषक के तौर पर क्रिकेट में सक्रिय हैं। इसके अलावा सुरेश रैना रेस्टोरेंट के बिजनेस में भी हाथ आजमा रहे हैं। उन्होंने हाल में ही एमस्टरडम में रेस्टोरेंट खोला है।
वीरेंद्र सहवाग- सहवाग ने 2001 में मिडिल ऑर्डर में आते हुए साउथ अफ्रीका के खिलाफ 105 रन बनाए थे। सहवाग आज क्रिकेट कमेंट्री में काफी सक्रिय हैं। वह खेल विश्लेषक के तौर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उनका एक इंटरनेशनल स्कूल भी है और वह विज्ञापनों में भी आते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर उनकी दमदार उपस्थिति देखी जा सकती है।
सौरव गांगुली- सौरव गांगुली ने 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में 131 रनों की पारी खेली थी। डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने वाले सौरव गांगुली क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद क्रिकेट प्रशासन में काफी काम कर चुके हैं। वह बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के चीफ चुके हैं। उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है।
बीसीसीआई चीफ का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सौरव गांगुली क्रिकेट कमेंट्री, खेल विश्लेषण में लौट आए हैं। वे आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की टीम के क्रिकेट ऑपरेशन हेड भी हैं। इसके अलावा उन्होंने हाल में ही अपने जन्मदिन पर ऑनलाइन एजुकेशन ऐप भी लांच की है।
ये भी पढ़ें- 'गर्म मौसम, धीमी पिच, पस्त आउटफील्ड, पर देश के लिए खेलता गया', यशस्वी ने माता-पिता को समर्पित किया शतक
प्रवीण आमरे- आमरे ने 1992 में डरबन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में 103 रनों की पारी खेली थी। आमरे का टेस्ट करियर बहुत लंबा नहीं रहा है लेकिन उन्होंने कोचिंग में बहुत नाम कमाया है। आमरे आज दिल्ली कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच हैं जहां वे रिकी पोंटिंग के साथ कामकाज संभालते हैं। इसके अलावा इस फ्रेंचाइजी की अन्य देशों में मौजूद टीमों के भी प्रवीण आमरे कोच है। ऐसे ही आमरे लीजेंड लीग क्रिकेट T20 में इंडिया कैपिटल्स के हेड कोच भी है।
मोहम्मद अजहरुद्दीन- भारत के पूर्व कप्तान ने 1984 में कोलकाता के ईडन गार्डन में इंग्लैंड के खिलाफ 110 रन बनाकर अपना टेस्ट डेब्यू किया था। अजहर क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद राजनीति और खेल प्रशासन में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 2009 में मुरादाबाद सीट से एमपी का चुनाव भी जीता था। वह सितंबर 2019 में हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इस समय अजहरुद्दीन तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी में एक प्रेसिडेंट के तौर पर काम कर रहे हैं।
सुरेंदर अमरनाथ- लाला अमरनाथ के सबसे बड़े बेटे सुरेंद्र ने 1976 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यु करते हुए शतक लगाया था। सुरेंद्र कानपुर में पैदा हुए हैं लेकिन अब अपने परिवार के साथ अहमदाबाद में सेटल है। वह 74 साल के हो चुके हैं और क्रिकेट में बहुत ज्यादा सक्रिय नहीं होने के बावजूद बीच-बीच में खेल पर अपनी राय देते रहते हैं। सुरेंद्र ने 2021 में जूनियर कलेक्टर की पोस्ट के लिए भी आवेदन दिया था।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications