BCCI Annual Contract: जानिए बीसीसीआई किस तरह देता है खिलाड़ियों को सैलरी? क्या होती है A+, A, B और C श्रेणी?
BCCI Annual Contract list: बीसीसीआई ने अपने सालाना कॉन्ट्रैक्ट की लिस्ट अपडेट की है, जिसमें रविंद्र जडेजा का वेतन बढ़ गया है और केएल राहुल को नुकसान हुआ है।

BCCI Annual Contract: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी कि बीसीसीआई ने अपने सालाना कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान रविवार को किया है, जिसके तहत कई खिलाड़ियों का तो प्रमोशन हुआ है तो वहीं बहुत सारे खिलाड़ियों के एनुअल कॉन्ट्रैक्ट में कटौती की गई है। आपको बता दें कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने सलाना अनुबंध को चार श्रेणियों में बांट रखा है। ये चार श्रेणियां हैं A+, A, B और C।
चलिए विस्तार से जानते हैं इन चारों श्रेणियों के बारे में...

A+ श्रेणी क्या होती है?
सबसे पहले बात करते हैं बीसीसीआई की ए प्लस श्रेणी की, जिसके अंदर आने वाले खिलाड़ियों को सलाना 7 करोड़ रुपये सैलरी में दिए जाते हैं। इस लिस्ट में टीम इंडिया के कैप्टन रोहित शर्मा, रन मशीन विराट कोहली और घातक गेंदबाज जसप्रीत बुमराह शामिल हैं, ये तीनों खिलाडी पिछले साल भी इस कैटेगरी में थे और इस बार इनकी जगह में कोई चेंज नहीं हुआ है लेकिन इस लिस्ट में इस बार एक और स्टार खिलाड़ी का नाम जुड़ा है, जिसके बाद इस श्रेणी में आने वाले खिलाड़ी तीन नहीं चार हो गए हैं और ये चौथे खिलाड़ी हैं ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा, जिन्हें अभी तक कंट्रोल बोर्ड ने A कैटेगरी में रखा था।

A श्रेणी क्या होती है?
अब बात बीसीसीआई के A श्रेणी की, जिसमें खिलाड़ियों की सलाना आय 5 करोड़ रु होती है। इस लिस्ट में हार्दिक पांड्या, मो. शमी, आर अश्विन, ऋषभ पंत और अक्षर पटेल शामिल हैं।
B श्रेणी क्या होती है?
इस श्रेणी के अंतरगत आने वाले खिलाड़ियों की सलाना आय 3 करोड़ होती है। इस लिस्ट में शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, केएल राहुल, सूर्यकुमार यादव, मोहम्मद सिराज और श्रेयस अय्यर है। गौर करने वाली बात ये है कि इस लिस्ट में इस बार केएल राहुल का नाम शामिल हुआ है, जो कि अभी तक A श्रेणी में थे लेकिन इस बार उनका डिमोशन हुआ है वो A कैटेगरी से B कैटेगरी में आ गए हैं। आपको बता दें कि केएल राहुल पिछले लंबे वक्त से अपनी खराब फार्म से जूझ रहे हैं और इस डिमोशन की सबसे बड़ी वजह उनके बल्ले का आशा के अनुरूप ना चलना है।

C कैटेगरी क्या होती है?
C ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को सलाना एक करोड़ रुपये सैलरी के रूप में दिए जाते हैं। इस कैटेगरी में टीम इंडिया के 11 खिलाड़ी शामिल हैं, जिनके नाम हैं उमेश यादव, शिखर धवन, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह शार्दुल ठाकुर, ईशान किशन, दीपक हुड्डा और केएस भरत ।

BCCI ने बनाया है ये खास नियम
BCCI अपना सालाना कॉन्ट्रैक्ट हर साल अपडेट करता है। जिस तरह से खिलाड़ियों को वेतन दिया जाता है ठीक उसी तरह से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए बीसीसीआई ने टेस्ट मैच, वनडे और T-20 के लिए भी कुछ धनराशि तय की है। एक टेस्ट खेलने के लिए प्रत्येक प्लेयर्स को 15 लाख रुपये, एक वनडे मैच खेलने के लिए 6 लाख रुपये और T-20 मैच खेलने के लिए 3 लाख रुपये मिलते हैं। ये राशि खिलाड़ियों के सैलरी से अलग राशि है।
BCCI देती है बोनस प्राइस
यही नहीं अगर कोई खिलाड़ी मैच में शतक मारता है या शानदार प्रदर्शन करता है तो बीसीसीआई उसे बोनस भी देता है, TEST या वनडे में डबल सेंचुरी पर 7 लाख, सिंगल शतक पर 5 लाख, टेस्ट या वनडे में 7 या 10 विकेट लेने पर 7 लाख और पांच विकेट लेने पर 5 लाख रु देता है।
ओवरॉल परफॉर्मेंस पर भी मिलता है बोनस
इसके अलावा अगर कोई प्लेयर लगातार बढ़िया खेल रहा है तो BCCI उसकी सैलरी साल के बीच में भी बढ़ा सकती है और उसने टीम के ओवरॉल परफॉर्मेंस पर भी बोनस प्राइस रखा हुआ है।
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