क्रिकेट के मैदान पर भी रही है भारत-बांग्लादेश की 'दुश्मनी', धोनी के 'कटे सिर' वाली तस्वीर पर मचा था बवाल!
Bangladesh violence News: बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सात दिनों के भीतर दूसरी बार एक हिंदू व्यक्ति की मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है। राजबाड़ी जिले के पांगशा इलाके में 29 वर्षीय अमृत मंडल को उग्र भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस के अनुसार, यह घटना गुरुवार रात होसेनडांगा गांव में हुई।
बना हुआ है डर और आक्रोश का माहौल (Bangladesh violence News)
आरोप है कि अमृत अपने साथियों के साथ एक स्थानीय घर में गया था, जहां शोर मचने पर ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एक हफ्ते पहले दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद इस नई घटना ने हिंदू समुदाय में भारी डर और आक्रोश पैदा कर दिया है। क्रिकेट के मैदान पर भी भारत और बांग्लादेश के बीच दुश्मनी देखी जा चुकी है।

कब और कैसे शुरू हुई थी 'दुश्मनी'
भारत और बांग्लादेश के बीच मैदान पर कड़वाहट की शुरुआत असल में साल 2015 के वनडे वर्ल्ड कप से हुई थी। मेलबर्न में खेले गए क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान रोहित शर्मा के एक शॉट को अंपायर ने 'नो बॉल' करार दिया था। बांग्लादेशी फैंस और वहां के क्रिकेट बोर्ड का मानना था कि वह फैसला गलत था। यहीं से सोशल मीडिया और मैदान पर 'दुश्मनी' की एक नई इबारत लिखी गई।
धोनी का कटा हुआ सिर वाली तस्वीर हुई थी वायरल
दोनों देशों के बीच सबसे शर्मनाक मोड़ 2016 एशिया कप के दौरान आया। फाइनल मैच से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई, जिसमें बांग्लादेशी गेंदबाज तस्कीन अहमद को भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कटा हुआ सिर हाथ में पकड़े दिखाया गया था। इस घटिया फोटो ने भारतीय फैंस को बुरी तरह आहत किया और मैदान पर तनाव चरम पर पहुंच गया।
हालांकि, धोनी ने हमेशा की तरह अपनी बल्लेबाजी से इसका जवाब दिया। फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 8 विकेट से हराकर धूल चटाई। दिलचस्प और सुकून देने वाली बात यह थी कि जीत का आखिरी छक्का खुद धोनी के बल्ले से निकला, जिसने उस विवादित तस्वीर का करारा जवाब दिया।2015 वर्ल्ड कप के बाद से निदाहास ट्रॉफी का फाइनल हो या हालिया द्विपक्षीय सीरीज, दोनों टीमों के खिलाड़ी अब मैदान पर स्लेजिंग और आक्रामक जश्न से पीछे नहीं हटते।












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